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Yamunorti: सुरक्षात्मक कार्यों के लिए एयरलिफ्ट होंगी मशीनें, वायु सेना को भेजा पत्र, हेलिकॉप्टर से होगा ट्रायल

Wed, 16 Apr 2025 03:00 PM IST
रेनू सकलानी विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

यमुनोत्री धाम में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए मशीनें एयरलिफ्ट होंगी। वायु सेना को इस संबंध में पत्र भेजा गया। ट्रयल सफल रहने पर चिनूक से मशीनें पहुंचाई जाएंगी।

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हेली सेवा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुनोत्री धाम में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए केदारनाथ की तर्ज पर भारी मशीनों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से वायु सेना को पत्र लिखा गया है। जिलाधिकारी का कहना है कि जल्द ही वायु सेना की ओर से धाम में हेलिकॉप्टर के माध्यम से रेकी और ट्रायल किया जाएगा।

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वहीं अगर यह ट्रायल सफल रहा तो चिनूक से भारी मशीनें यमुनोत्री धाम पहुंचाई जाएगी। यमुनोत्री धाम में वर्ष 2024 के जुलाई में आई आपदा के कारण मंदिर परिसर सहित गर्म कुंड, स्नान घाट को नुकसान हुआ है। वहीं यमुना तटों पर जानकीचट्टी आदि क्षेत्रों में भी नदी के बढ़े जलस्तर से पार्किंग आदि क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस वर्ष शासन की ओर से यमुनोत्री धाम में सुरक्षात्मक और निर्माण कार्यों के लिए करीब 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। उसके बाद सिंचाई विभाग ने वहां पर कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन समस्या यह हो रही है कि वहां पर मशीनों के बिना कार्य करने में बहुत लंबा समय लग जाएगा।क्योंकि अभी वहां पर मजदूर ही समतलीकरण आदि का कार्य कर रहे हैं।
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यमुनोत्री धाम में भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए मालवाहक विमानों की मदद की मांग
वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग से मशीनें पहुंचाने का प्रयास किया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। वहीं यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और तीर्थ पुरोहितों ने वहां पर मशीनों से कार्य करवाने की मांग की थी।

इस पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट की ओर से वायु सेना को पत्र लिखा है। उन्होंने यमुनोत्री धाम में भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए मालवाहक विमानों की मदद की मांग की है। डीएम ने बताया कि यमुनोत्री धाम की सुरक्षा दीर्घकालीक योजना है।

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वहां पर मशीनों के बिना कार्य होना मुश्किल है। अब धाम में हेलिपैड का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका और उसके जोड़ने वाले मार्ग का भी जल्द निर्माण शुरू करवाया जाएगा। इसलिए जल्द ही वायु सेना के हेलिकॉप्टर वहां पर रेकी करेंगे। उसके बाद ट्रायल होगा और अगर यह सब प्रक्रिया सफल रहती है, तो चिनूक से यमुनोत्री धाम में भारी मशीनें एयरलिफ्ट की जाएगी।



 

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