छह छंतोली के साथ रविवार को मां नंदा लोकजात यात्रा मटई गांव पहुंच गई है। यात्रा के पहुंचते ही गांव भक्ति में सराबोर हो गया।
इधर मटई गांव पहुंचने से पहले दोपहर में मां नंदा की डोली बैरासकुंड मंदिर पहुंची। यहां देवी ने मंदिर की परिक्रमा की, जिसके बाद भोलेनाथ को मध्याह्न भोग लगाया गया।
बैरासकुंड पहुंचने में मां के स्वागत के साथ ही ग्रामीणों ने मनौतियां भी मांगी। लोकजात में शामिल होने के लिए फर्स्वाण फाट क्षेत्र के भूमियाल और लाटू की छह छंतोलियां मां के साथ मटई पहुंची।
इस अवसर पर महेंद्र सिंह, उमेश चंद्र, सबर सिंह, गायत्री देवी, मंजू देवी, यशोदा देवी, माहेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।
उर्गम की नंदा पहुंची फ्यूंला नारायण मंदिर
उर्गम घाटी की मां नंदा लोकजात यात्रा रविवार को फ्यूंला नारायण मंदिर पहुंच गई है। ग्रामीणों ने नंदा का जयकारों के साथ स्वागत करने के साथ ही मनौतियां मांगी। इस मौके पर पुजारी दरवान सिंह, राम सिंह नेगी, लक्ष्मी देवी, लक्ष्मण ङ्क्षसह, कमला देवी आदि मौजूद थे।
फल्दिया पहुंची बधाण की मां नंदा
बधाण की मां नंदा रविवार शाम फल्दिया गांव पहुंची। सुबह धरातल्ला से देवाल बाजार, हाटकल्याणी, इच्छोली होते हुए मां नंदा की यात्रा देर शाम फल्दिया गांव पहुंची। कुरूड़ के पुजारी मंशाराम गौड़ ने बताया कि नंदा आठ सितंबर को मां नंदा की डोली वैदनी पहुंचेगी।