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रेल में डकैती के मकसद से पहुंचे डकैत, लेकिन इस बहादुर दंपति ने छुड़ा दिए उनके छक्के

Fri, 15 Sep 2017 12:41 PM IST
चंद्रेश पांडे / अमर उजाला, नैनीताल
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sachin, bharti - फोटो : amarujala
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लखनऊ के कपड़ा व्यवसायी सचिन तलवार और उनकी पत्नी भारती तलवार मौज मस्ती के इरादे से नैनीताल आने के लिए रेलगाड़ी में सवार हुए। रास्ते में डकैतों ने धावा बोलकर कई लोगों से लूटपाट की। लेकिन इस दंपति ने साहस का परिचय देते हुए डकैतों के छक्के छुड़ा दिए।
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बुधवार रात ट्रेन में चड़े डकैतों ने सचिन की भी घड़ी छिनी। बृहस्पतिवार सुबह नैनीताल पहुंचा दंपति बेहद डरा, सहमा था। सचिन का दावा है कि यदि उन्होंने साहस का परिचय देते हुए चेयर कार के डिब्बे और एसी तीन के डिब्बे के बीच का शटर नहीं गिराया होता तो डकैत एसी तीन बोगी में भी लूटपाट कर सकते थे।

लखनऊ के इस दंपति ने अमर उजाला के समक्ष डकैती और लूटपाट की घटना को बयां किया। बताया कि बुधवार रात 9:55 पर ट्रेन संख्या 15043 लखनऊ से काठगोदाम को रवाना हुई।
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सामान्य श्रेणी की बोगी में कुछ डकैत घुस आए

थर्ड एसी कोच की सीट संख्या 36-37 में सवार ‌थे सचिन और उनकी पत्नी भारती
सचिन और उनकी पत्नी भारती इसी ट्रेन के थर्ड एसी कोच की सीट संख्या 36-37 में सवार थे। रात पौने एक बजे के करीब हल्ला हुआ। जैसे ही वह शोर सुनकर उठे तो एक यात्री ने उन्हें बताया कि सामान्य श्रेणी की बोगी में कुछ डकैत घुस आए हैं। वह यात्रियों से लूटपाट कर रहे हैं।

सचिन ने बताया कि जिस थर्ड एसी कोच में वह अन्य यात्रियों के साथ सवार थे, उनके और जरनल डिब्बे के बीच चेयर कार का डिब्बा था। ऐसे में डकैतों के चेयर कार के डिब्बे से होकर एसी तीन कोच में पहुंचने की आशंका थी।

इसे देखते हुए उन्होंने एक अन्य यात्री की मदद से चेयर कार और एसी तीन कोच के बीच शटर को गिराना चाहा लेकिन तब तक एक-दो डकैत वहां तक आ पहुंचे। 
 
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सचिन और दूसरा यात्री इस शटर को गिरने में कामयाब रहे

डकैत सामान्य बोगी से दूसरे डिब्बे में नहीं पहुंच सके - फोटो : फाइल फोटो
सचिन ने बताया कि डकैतों ने शटर को गिराने का विरोध किया और इस दौरान उसके साथ छीनाझपटी की, जिसमें डकैतों ने सचिन के हाथ में बंधी चार हजार रुपये मूल्य की घड़ी लूट ली, अलबत्ता सचिन और दूसरा यात्री इस शटर को गिरने में कामयाब  रहे, जिसके चलते डकैत सामान्य बोगी से दूसरे डिब्बे में नहीं पहुंच सके। 

सचिन ने बताया कि इस दौरान उनके कोच में सवार एक यात्री ने जीआरपी को फोन कर ट्रेन में हुई डकैती की सूचना दी। इसके बाद अगले स्टेशन रोजा में जीआरपी सतर्क हो गई लेकिन रोजा स्टेशन पहुंचने पर जैसे ही ट्रेन की रफ्तार कम हुई तो डकैत बोगी से उतरकर भाग गए।

इन डकैतों की संख्या करीब छह थी और वह हाथों में धारदार हथियार और तमंचे लेकर आए थे। स्थानीय लोगों ने इस दंपति को साहस बंधाया है। सचिन का कहना है कि दो दिन नैनीताल में रहने के बाद वह लखनऊ लौट जाएंगे।
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