निगम ने आईडीएफसी बैंक के साथ मिलकर कैशलेस सिस्टम के लिए कदम आगे बढ़ाया है। इन एजेंसियों में उपभोक्ता के सामने नगद भुगतान का विकल्प भी बना रहेगा। हालांकि कोशिश कैशलेस सिस्टम को प्रोत्साहित करने की ही रहेगी।
निगम की प्रबंध निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगम की बड़ी गैस एजेंसियों में तीन से लेकर चार सौ सिलेंडरों की रोजाना बिक्री होती है। गैस एजेंसियों में चार से पांच लाख का रोजाना का ट्रांजेक्शन है।
कैश हैंडलिंग और रिकार्ड मेंटेन करने के लिहाज से भी कैशलेस सिस्टम को शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में 13 दिन बाद पता चलता है कि किस गैस एजेंसी में क्या बिक्री हुई। इस सिस्टम से रोजाना का अपडेट मिला करेगा। उन्होंने कहा कि कोशिश भीम एप के प्रमोशन की ज्यादा होगी, क्योंकि इससे कैश बैक भी मिलेगा।
जीएमवीएन की 72 गैस एजेंसियों में से चार लगातार घाटे में चल रही है। ये एजेंसियां त्यूनी, पोखड़ा, यमकेश्वर और कालागढ़ की है। प्रबंध निदेशक के अनुसार, जिस वक्त ये गैस एजेंसियां शुरू हुई थीं, तब प्रतियोगी माहौल उतना नहीं था। मगर बदलते समय का इन पर ज्यादा असर पड़ा है।
फिर भी कोशिश की जा रही है कि इनकी स्थिति सुधरे। प्रबंध निदेशक के मुताबिक, त्यूनी और पोखड़ा में कैशलेस सिस्टम को शुरू करने में इंटरनेट कनेक्शन की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नई गैस एजेंसी खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है।
जीएमवीएन के इस वक्त दो पेट्रोल पंप चल रहे हैं। ये दोनों चमोली जिले में है। एक गोपेश्वर, तो दूसरा पीपलकोटी में। इन दोनों पेट्रोलपंपों में कैशलेस सिस्टम पहले से लागू किया गया है। प्रबंध निदेशक के अनुसार, यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने और निगम के पंप में आने के लिए प्रेरित करने की कोशिश है। इस क्रम में अगले यात्रा सीजन में दोनों जगह फ्री वाई-फाई जोन स्थापित करने की योजना है।