गैस सब्सिडी के लिए बैंक और एजेंसी के बीच चक्कर काट रहे उपभोक्ताओं को अब राहत मिलेगी। तेल कंपनियों ने आधार कार्ड की बाध्यता खत्म होने के बाद नया फार्म एजेंसियों पर भिजवाना शुरू कर दिया है। जिसे अब सिर्फ एजेंसी में भरकर जमा करना होगा।
वहीं एजेंसियों की मानें तो एक जनवरी से बाजार मूल्य पर यानि गैर रियायती दर पर सिलेंडर उपभोक्ताओं को खरीदना पड़ेगा। प्रदेश में डायरेक्ट बेनीफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी(डीबीटीएल) योजना एक जनवरी से लागू हो जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर गैर रियायती मूल्य पर मिलना शुरू हो जाएगा।
सब्सिडी मिलनी शुरू हो जाएगी
जिन उपभोक्ताओं के फार्म जमा हो चुके हैं और बैंक से जुड़ चुके हैं उनको सब्सिडी मिलनी शुरू हो जाएगी। जबकि शेष को कागज पूरे होने पर मिलेगी। इसके लिए 31 दिसंबर तक उपभोक्ताओं को डीबीटीएल योजना से जोड़ने की कवायद अब एजेंसियों ने तेज कर दी है। इसके लिए बकायदा गैस डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों के हाथों फार्म घरों को भिजवाए जा रहे हैं। मगर उपभोक्ताओं से फार्म वापस नहीं मिलने के कारण एजेंसियां कुछ कर नहीं पा रही।
वहीं अब तेल कंपनियों के निर्देश के बाद एक नया फार्म आ गया है। जिसमें आधार कार्ड और बैंक खाता आदि सभी जानकारियां दर्ज करने की सुविधा है। इस फार्म को एजेंसी में ही जमा किया जाना है। दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल ने कहा कि फार्म एजेंसी में ही जमा होंगे, लेकिन उपभोक्ता अपनी सहूलियत के लिए फोटोकॉपी कर बैंक में भी जमा कर सकते हैं। योजना एक जनवरी से शुरू करने के तेल कंपनी से निर्देश मिले हैं।
बैंक खाता कहीं का भी, भर सकते हैं फार्म
डीबीटीएल योजना के तहत बैंक खातों को लेकर कई एजेंसियां उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं। एजेंसियां उपभोक्ताओं से स्थानीय बैंक में ही खाता होने पर ही फार्म दे रही हैं। मगर तेल कंपनियों ने योजना में सेंट्रल बैंकिंग सिस्टम से जुड़े बैंकों को जोड़ा है। जिसमें कहीं से भी खाते में रुपये डाले जा सकते हैं और एटीएम मशीन से निकाले जा सकते हैं।
इसके बावजूद कुछ एजेंसियां उपभोक्ताओं को स्थानीय बैंकों में खाते खोलने के लिए कह रही हैं। वहीं दूसरी ओर वैली गैस एजेंसी के संचालक चमन लाल और चुग गैस एजेंसी के विनेश कुमार का कहना है कि बैंक खाता कहीं का भी हो चलेगा, लेकिन उसे उपभोक्ता के कस्टमर नंबर से लिंक होना जरूरी है।