स्थानीय पुलिस को हरियाणा पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। बकौल हरियाणा पुलिस कि आरोपी अमित का ममता से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पेशे से स्कूल वैन चालक अमित 21 अक्तूबर को ममता को लेकर आया था।
हरकी पैड़ी घूमने के बाद प्रेमी जोड़ा श्रवणनाथ नगर के एक होटल में ठहरा और फिर 23 अक्तूबर को वापस हरियाणा लौट गया था। अगले दिन वह फिर से हरिद्वार के लिए निकले थे और रुड़की में ठहरे थे।
25 अक्तूबर को प्रेमी जोड़ा रुड़की से हरिद्वार के लिए चला था लेकिन वह बस से पुल जटवाड़ा पर उतर गए। पुल जटवाडा के पास गंगनहर पटरी पर सुनसान स्थान पर पहुंचने पर अमित ममता को जबरन खींचकर झाड़ियों में ले गया और पत्थर (टाइल्स के टुकड़े) से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
ममता को मौत के घाट उतारने के बाद वह लौट गया। अमित के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज था इसलिए उसने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण करते हुए हरियाणा पुलिस पर उसे परेशान करने का आरोप जड़ दिया। हरियाणा पुलिस ने जब उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तब उसने पूरी कहानी उगल दी।
कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से आरोपी की निशानदेही पर खून से सनी टाइल्स बरामद कर ली गई है। बताया कि प्रेमिका की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह गले की फांस बन गई थी। वह घर वापस लौटना नहीं चाहती थी और वह उसे घर जाने के लिए कह रहा था।
अमित तीन बार कांवड़ लेकर जा चुका है इसलिए उसे गंगनहर पटरी के भौगोलिक परिवेश को बखूबी जानता था। उसे यह भी पता था कि पटरी सुनसान रहती है। इसलिए उसने जब प्रेमिका का कत्ल करने की ठानी तब उसे यह स्थान ही सुरक्षित लगा। लिहाजा उसने यहां लाकर प्रेमिका का कत्ल कर डाला।
पुलिस के हर सवाल का आरोपी अमित ने बेबाकी से जवाब दिया। प्रेमिका के कत्ल का रत्तीभर अफसोस भी उसके चेहरे पर नहीं दिखाई दिया। बल्कि बेरहमी उसके चेहरे पर साफ साफ झलकती दिखाई दी। स्थानीय पुलिस भी कत्ल की वजह सुनकर दंग रह गई।
बकौल कोतवाली प्रभाीर चंद्रभान सिंह अधिकारी कि जब उससे पूछा कि उसे छोड़कर ही चला जाता फिर कत्ल क्यों कर दिया। तब आरोपी बोला कि समझ में नहीं आया क्या करूं, वह नाबालिग भी थी। फिर दुष्कर्म के मामले में फंस जाता इसलिए उसकी हत्या करना ही ठीक समझा।