वहां पुराल के ढेर पर दोनों ने आत्महत्या करने के इरादे से जहर पी लिया। जब दोनों की तबियत बिगड़ने लगी तो उन्होंने परिजनों को फोन कर मामले की जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन खेत में पहुंचे तो दोनों तड़प रहे थे।
परिजनों ने दोनों को गदरपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही विजय ने दम तोड़ दिया। लड़की को लेकर परिजन हल्द्वानी जा रहे थे कि उसकी भी रास्ते में ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची सिडकुल चौकी पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों ने भाइयों की शादी के नाम पर विजय को रोका था
रेमिका के साथ जहर खाकर आत्महत्या करने वाला विजय तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बताया जा रहा है कि प्रेम प्रसंग का पता चलने पर विजय के परिजनों ने उसके दो बड़े भाइयों की शादी करने के बाद उसकी शादी कराने की बात कही थी, लेकिन लड़की के बुक्सा जाति की होने के कारण शायद वह इस शादी के खिलाफ थे। लड़की चार-भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी।