तेलपुरा स्थित हनुमत धाम मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित गणेश आनंद मिश्रा ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम केवल एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि वह मर्यादा, सेवा, त्याग और धर्म के जीवंत प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें भी सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए। राम कथा आत्मा को शुद्ध करने वाला अमृत है। प्रभु श्रीराम का जन्म धर्म की स्थापना, अधर्म का नाश और लोक कल्याण का संदेश है। उनके जीवन से हमें मर्यादा, सहनशीलता और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कथा के बीच-बीच में भावनात्मक भजनों की संगीतमय प्रस्तुति दी, जिससे श्रद्धालु राम भक्ति में डूब गए। इस मौके पर सुखदेव फर्स्वाण, कविता छेत्री, हरीश चौहान, बाल बहादुर थापा, गजेंद्र थापा, जगदीश, शांति देवी आदि उपस्थित रहे।