देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साथ ही भक्त प्रह्लाद चरित्र की लीला का वर्णन किया गया।
कथाव्यास नारायण प्रसाद आचार्य ने कहा कि आज के समय में भी भक्त प्रह्लाद का चरित्र हमें अटूट विश्वास, धैर्य, सत्य और भगवान के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतरण, कंस के अत्याचार, माता देवकी और वसुदेव की पीड़ा का वर्णन किया। इस दौरान कथा स्थल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजन-कीर्तन से गूंज उठा। इस अवसर पर गीता देवी, बीना उपाध्याय आदि मौजूद रहे।