साथ ही ऑफ सीजन में पर्यटक अधिकाधिक संख्या में प्रदेश में आ सकें, इसकी व्यवस्था की जा रही है। ट्रेकिंग मार्गों पर साइनेज बोर्ड लगाने के लिए वन विभाग से वार्ता की जा रही है। इस दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत, पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, डीएम सी रविशंकर, पर्यटन विभाग के निदेशक अवस्थापना पुरुषोत्तम, जीएम केएमवीएन टीएस मर्तोलिया, पीआईयू के प्रोजेक्ट मैनेजर सीएम सिंह, आर्किटेक्ट प्रेरणा मनराल, जेई विनीत कुमार सिंह आदि थे।
लंदन फोर्ट किले का जीर्णोद्धार एडीबी के वित्तीय सहयोग से पर्यटन विभाग की प्रोजेक्ट इंक्रीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) भीमताल ने 4.33 करोड़ रुपये की लागत से किया। इसमें स्थानीय पत्थरों का प्रयोग किया गया है। फोर्ट के अंदर म्यूजियम, हस्तशिल्प, रेस्टोरेंट आदि की व्यवस्था की गई है। केएमवीएन को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। 1791 में गोरखाओं ने इस किले का निर्माण किया। सुगौली संधि के बाद वर्ष 1815 में अंग्रेजों ने किले को अपने अधीन ले लिया। अंग्रेजों ने किले का नाम बाउलीगढ़ से बदलकर लंदन फोर्ट रख दिया। अंग्रेजों ने 1881 से इसी किले से तहसील कार्यालय का संचालन किया।