विद्युत लोकपाल सुभाष कुमार ने एक अपील की सुनवाई पर बीपीएल उपभोक्ता को 20909 रुपये की राहत दी। उत्तराखंड विद्युत निगम ने उपभोक्ता को 25,761 रुपये का बिल भेज दिया था। जिस पर उपभोक्ता ने अपील की कि निगम ने बीपीएल उपभोक्ताओं पर लागू दर के स्थान पर एकमुश्त बिल भेज दिया। जिसमें विलंब अधिभार भी लगा दिया है।
हरिद्वार जनपद के मंगलौर निवासी राजकुमार ने यह अपील की थी। उसका कहना था कि मार्च 2010 से मार्च 2019 तक उन्हें एकमुश्त 25761 रुपये का विद्युत बिल भेजा गया। वे बीपीएल उपभोक्ता हैं, लेकिन बिल बीपीएल दरों के हिसाब से नहीं भेजा गया। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से बताया गया कि पुनरीक्षित 8187 रुपये के बिल में 3,335 रुपये का विलंब शुल्क लगाया गया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद लोकपाल ने ऊर्जा निगम को आदेश दिए कि वह विलंब अधिभार में छूट देते हुए 4,852 रुपये का बिल ही जारी करे। लोकपाल ने मंगलौर की मायावती और हरिचंद की अपीलों को भी निरस्त कर दिया। दोनों ने अधिक बिल भेजे जाने की अपील की थी। लेकिन दोनों पक्षों का सुनने के बाद लोकपाल ने उनकी अपीलों को निरस्त कर दिया।