आविष्कारों ने देश और समाज को नई दिशा दी
आईआईटी को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश का शीर्ष संस्थान बताते हुए उन्होंने ने कहा कि जलवायु, पर्यावरण, मेडिकल, शिक्षा, संचार, सड़क से लेकर जीवन के कई क्षेत्रों में आईआईटी के अनुसंधान व आविष्कारों ने देश और समाज को नई दिशा दी है।
चौथी औद्योगिक क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल युग और इंटरनेट क्रांति ने पूरे विश्व को बदल दिया है। भारत का लोकतंत्र एवं विविधता देश की शक्ति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई सोच और नया संकल्प है कि दुनिया के अंदर भारत हर क्षेत्र में नेतृत्व करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल की चुनौती में लग रहा था कि वैक्सीन और पीपीई किट के लिए विदेश की तरफ देखना पड़ेगा लेकिन आईआईटी व वैज्ञानिकों के नए रिसर्च और इनोवेशन ने समाधान दिया। उन्होंने आईआईटी की ही तरह विश्वविद्यालयों में रिसर्च इनोवेशन सेंटर बनाए जाने की बात कही।
कहा कि आज के युग में हर क्षेत्र में भारत एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि विश्व का अगला ‘बिग टेक’ भारत से निकलेगा। इससे पूर्व समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ की गई। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. बीवीआर मोहन रेड्डी, चेयरमैन बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और निदेशक प्रो. केके पंत ने ऐतिहासिक पहलुओं पर अपने विचार रखे।
वैश्विक मानचित्र पर अपनी खास पहचान
डाक विभाग, भारत सरकार के सचिव विनीत पांडे ने स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए कहा कि आईआईटी का समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्मारक डाक टिकट जारी करना सम्मान की बात है। संस्थान निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि आईआईटी ने अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाते हुए वैश्विक मानचित्र पर अपनी खास पहचान बनाई है। इस मौके पर संस्थान के वैैज्ञानिक एवं पूर्व छात्रों समेत कई लोग मौजूद रहे।
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‘आपसे सीखने, समझने और अनुभव लेने आया हूं’
लोकसभा अध्यक्ष ने संस्थान के ऐतिहासिक सफर का भी उल्लेख किया। साथ ही पूर्व के छात्रों की ओर से किए गए देश के विकास में योगदान को सराहा। उन्होंने पूर्व छात्रों के अनुभवों को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘मैं आपसे सीखने, समझने और आपके अनुभव का लाभ लेने आया हूं।’