चुनाव में कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल नापसंद है तो मतदाताओं के पास नोटा में मत डालने का विकल्प भी रहेगा। पिछले लोक सभा चुनाव में प्रदेश की पांचों सीटों पर 48 हजार से अधिक मतदाताओं ने नोटा के पक्ष में वोट दिया। हरिद्वार में सबसे कम तो अल्मोड़ा सीट में सबसे अधिक मत नोटा को पड़े। इस बार भी बैलेट यूनिट में सबसे नीचे नोटा का चिन्ह होगा।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव में मतदाता को ऐसा लगता है कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी और राजनीतिक दल पसंद नहीं है तो उनके पास नोटा का बटन दबाने का विकल्प रहेगा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने नोटा के पक्ष में अपना मत दिया।
टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा व नैनीताल सीट पर कुल 48 हजार 43 मतदाताओं ने मत डालने के लिए नोटा का इस्तेमाल किया। चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे अधिकतर निर्दलीय प्रत्याशियों को नोटा के बराबर भी मत नहीं मिले। 11 अप्रैल को प्रदेश में होने वाले चुनाव में भी बैलेट यूनिट पर सबसे आखिर में नोटा का निशान होगा।