सभी मतदाताओं की फोटो मतदाता सूची में उपलब्ध है, लेकिन किसी मतदाता के पास एपिक कार्ड है और उसका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो वे उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं है। एपिक कार्ड होने के साथ मतदाता का नाम सूची में होना जरूरी है। तभी वह अपना मत डाल सकेगा।
एक तरफ निर्वाचन आयोग शत प्रतिशत मतदान करने के लिए मतदाताओं को जागरूक कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ मतदाता फोटो पहचान पत्र होने पर मत देने की गारंटी नहीं है। जब तक कि नाम मतदाता सूची में न हो।
प्रदेश में हुए निकाय चुनाव में सभी वार्डों से बेहिसाब मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पहुंचने के बाद जब मतदाता सूची में नाम नहीं था तो उन्हें वापस लौटना पड़ा।
मतदाताओं से लेकर राजनीतिक दलों ने भी मतदाता सूची से नाम कटाने की राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायतें की थी। इस पर आयोग ने जांच कराने की बात कही थी, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जांच का भी कोई पता नहीं है।
हर साल मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण किया जाता है, जिस कारण मतदाताओं के नाम छूट जाने की संभावना रहती है। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए 1950 टोल फ्री नंबर और वोटर हेल्प लाइन एप भी जारी किया है। इससे मतदाता सूची में नाम है या नहीं। इसकी जानकारी प्राप्त कर सकता है। निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि कोई भी मतदाता वोट देने से वंचित न रहे।
- सौजन्या, मुख्य निर्वाचन अधिकारी