वहीं, कर्नल कोठियाल और एडमिरल राणा की सैन्य पृष्ठभूमि उन्हें मजबूत दावेदार बनाए हैं। सूत्रों के अनुसार नैनीताल सीट से सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अभी तक चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी है।
उनसे प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं ने इस बाबत बात की है। माना जा रहा है कि कोश्यारी को मना लिया जाएगा, लेकिन अगर कोश्यारी चुनाव नहीं लड़ते हैं तो पार्टी के पास प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और तीन बार के विधायक पुष्कर धामी विकल्प हो सकते हैं। पार्टी इस सीट से जातीय समीकरणों को भी टटोल रही है।
वैसे तो अल्मोड़ा सीट पर पहली दावेदारी सांसद अजय टम्टा की बनती है लेकिन वे किन्हीं वजहों से मैदान में नहीं उतरते या उतारे जाते हैं तो राज्यमंत्री रेखा आर्या या विधायक चंदन रामदास प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं। हरिद्वार और टिहरी में अधिक संभावना वर्तमान सांसदों डा. रमेश पोखरियाल निशंक और माला राज्यलक्ष्मी शाह की बताई जा रही है।
हालांकि हरिद्वार से कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और टिहरी से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम भी चर्चा में हैं। रविवार देर शाम शुरू होने वाली शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में स्थिति साफ हो जाएगी।