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लोकसभा चुनाव 2019: उत्तराखंड सीएम की मौजूदगी में भाजपा में तीनों नेताओं की हुई घर वापसी

Sat, 23 Mar 2019 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सुरेश चन्द जैन और आशा नौटियाल भाजपा में शामिल - फोटो : अमर उजाला
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2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोकने वाले दो पूर्व विधायक आशा नौटियाल व सुरेश चंद्र जैन तथा एक पूर्व दायित्वधारी संदीप गुप्ता की घर वापसी हो गई है। तीनों नेताओं की घर वापसी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का हाथ माना जा रहा है। 

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तीनों नेताओं को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। तीनों पार्टी से निष्कासित थे। उनकी घर वापसी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह का भूला शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते। लेकिन बागियों की घर वापसी विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल और रुड़की से पार्टी विधायक प्रदीप बतरा के गले नहीं उतर रही है। संदीप गुप्ता और जैन ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ा था। दोनों नेताओं ने पार्टी के फैसले से अनभिज्ञता जाहिर की है। उनका कहना है कि इस बारे में उन्हें, मंडल व जिला भाजपा को भरोसे में नहीं लिया गया। स्पीकर ने प्रश्न किया कि क्या पार्टी उन सभी नेताओं को ज्वाइन कराएगी, जिन्होंने पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, तीनों नेताओं की घर वापसी के इस कार्यक्रम में पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को भी शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आए।

शनिवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश चंद्र जैन, केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल और पूर्व दायित्वधारी व पूर्व जिलाध्यक्ष ऋषिकेश के संदीप गुप्ता को पार्टी में शामिल कराया। इन नेताओं के समर्थक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, ग्राम प्रधान व अन्य समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पार्टी में शामिल नेताओं को कहा कि आपकी घर वापसी बहुत विचार मंथन के बाद गुण दोष देखकर हुई है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां सबकी सहमति नहीं बनती पर बहुमत का सम्मान किया जाता है। आप लोकसभा चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ाने की कसौटी पर हैं। अब किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। आशा है कि आप पूरी ताकत से दो महीने का काम 20 दिन में करेंगे। 
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भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल विधायक, विधायक विनोद चमोली व देशराज कर्णवाल ने भी सभी पुराने कार्यकर्ताओं का पार्टी में वापसी पर पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन, भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, अनिल गोयल, बृज भूषण गैरोला, ओमवीर सिंह राघव, प्रदेश सह प्रभारी बलजीत सोनी, शादाब शम्स, महानगर मीडिया प्रभारी राजीव उनियाल उपस्थित थे।

पार्टी छोड़ने के बावजूद इनसे आपसी संबंध बने रहे और खुशी है कि व्यक्तिगत  मसलों को छोड़कर इन्होंने नरेंद्र भाई मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री देखना चाहा है।

- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

हम लोग बचपन से ही संघ, विद्यार्थी परिषद और भाजपा से जुड़े रहे। पूरा देश ये चाहता है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें क्योंकि देश उनके हाथों में सुरक्षित है। सभी लोग ये चाहते हैं। इसलिए हम भाजपा में शामिल हुए।

-संदीप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा 

हम परिवार में वापस आए हैं। नब्बे के दशक से पार्टी की कार्यकर्ता रही हूं। 2017 में कुछ परिस्थितियां आ गई थीं कि मजबूर होकर मुझे चुनाव लड़ना पड़ा। मन से हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं। आज हमारी घर वापसी हुई है। मैं केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व व मुख्यमंत्री की आभारी हूं।

-आशा नौटियाल, पूर्व विधायक, केदारनाथ

मैंने कांग्रेस की किसी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। मैं अपने क्षेत्र में जनता की सेवा करता रहा। जहां मेरी विचारधारा थी, मैं उससे बराबर जुड़ा रहा। मैं अपने घर में पहले भी था, अब भी हूं।

-सुरेश चंद्र जैन, पूर्व विधायक, रुड़की

गुप्ता ने अग्रवाल के खिलाफ लड़ा था चुनाव
विधानसभा चुनाव में संदीप गुप्ता ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। संदीप ने 17149 वोट लिए थे। चुनाव जीते अग्रवाल को 45082 मत मिले थे। पार्टी के खिलाफ बगावत करने पर गुप्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

आशा ने टिकट कटने पर छोड़ दी थी पार्टी 
केदारनाथ में पार्टी ने पूर्व विधायक आशा नौटियाल का टिकट काटकर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई विधायक शैला रानी रावत को चुनाव में उतारा था। आशा निर्दलीय चुनाव लड़ीं। उन्होंनेे चुनाव में 11786 मत लिए। शैलारानी रावत को 11472 मत मिले और वो चुनाव हार गईं। पार्टी ने आशा नौटियाल को निष्कासित कर दिया।

जैन ने भी टिकट कटने पर कर दी थी बगावत 
रुड़की विधानसभा में पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक प्रदीप बतरा को प्रत्याशी बना दिया था। इससे नाराज होकर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन बागी हो गए। उन्होंने 2017 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ कांग्रेस से चुनाव लड़ा। चुनाव में जैन ने 27458 वोट लिए। चुनाव जीते बतरा ने 39768 वोट प्राप्त किए।

स्पीकर और बत्रा ने उठाए सवाल
ऋषिकेश के विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा की प्रतिकूल प्रतिक्रिया सामने आई है। अमर उजाला ने स्पीकर से उनके खिलाफ चुनाव लड़े संदीप गुप्ता की पार्टी में घर वापसी के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। चुनाव में कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ काम किया। राष्ट्रीय नेताओं के पुतले फूंके। इस बारे में मुझे नहीं पूछा गया। ये जानकारी भी मुझे आपके माध्यम से मिल रही है। मेरा प्रश्न है कि प्रदेश में ऐसे बहुत से लोग हैं, क्या पार्टी उन सबको ज्वाइन करा रही है। उधर, जैन की भाजपा में वापसी को लेकर रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा भी असहज हैं। उनका कहना है कि जैन को लेकर उन्हें और संगठन को विश्वास में नहीं लिया गया। इस निर्णय पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।

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