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लोकसभा चुनाव 2019 : पीएम मोदी ने वही सवाल पूछे जिनके जवाब पहले से तय थे...

Fri, 29 Mar 2019 04:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal चंदन बंगारी, अमर उजाला, रुद्रपुर
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भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के समर्थन में रुद्रपुर में हुई महारैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास रणनीति के तहत सवालों के जरिये जनता से जुड़ाव किया। सवाल भी वही और उसी तरह से पूछे जिनके जवाब उनके अनुकूल थे। पूर्व में हुई दो रैलियों के मुकाबले इस रैली में मोदी का अंदाज अलग रहा। पहले की दो रैलियों में मोदी ने कांग्रेस नेताओं को नाम लेकर ललकारा था लेकिन इस बार कांग्रेस पर हमला बोला, कांग्रेस नेताओं का नाम नहीं लिया।

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मोदी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार के अलावा 11 फरवरी 2017 और तीन मई 2014 को भी यहां रैली की थी। वर्ष 2017 की रैली में जहां मोदी ने हरदा टैक्स, बेनामी संपत्ति, नोटबंदी के साथ ही औद्योगिक विकास पर फोकस किया था, वहीं 2014 की रैली में उनके निशाने पर राहुल, सोनिया, दिवंगत पीएम राजीव गांधी रहे थे और उन्होंने राहुल को ललकारा भी था।

मोदी ने सेना से जुड़ी भावनाओं को उकेरा

बृहस्पतिवार को हुई रैली में बदली रणनीति के तहत उन्होंने जनता से घोटाले, पलायन के अलावा सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल पूछे कि इनका जिम्मेदार कौन तो सभास्थल में हर कोने से कांग्रेस की आवाजें गूंजीं। मोदी ने सेना से जुड़ी भावनाओं को उकेरा, फिर सेना को हो रही हर कमी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया और कहा कि ऐसी कांग्रेस को वोट देना चाहिए की नहीं।

जवाब मिला, नहीं। कहा, रुद्रपुर आने का वादा किया था, वादा निभाया। कांग्रेस कई सालों तक गरीबों को छलती रही। भरोसे वाला कौन, जवाब मिला-मोदी। पिछली दो रैलियों से उलट पीएम ने इस बार न तो राहुल का नाम लिया और न ही हरीश रावत का। मोदी के निशाने पर पूरी तरह से कांग्रेस थी। उन्होंने तंज जरूर कसे, लेकिन जुबां से विरोधियों के व्यक्तिगत नाम लेने से परहेज किया।

भीड़ उमड़ते ही धरा रह गया सारा होमवर्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन एक सप्ताह पहले से तैयारियों में जुटा था, लेकिन भीड़ उमड़ते ही पुलिस प्रशासन का सारा होमवर्क फेल हो गया। पीएम की फ्लीट के किच्छा रोड पर आते ही भीड़ बेकाबू हो गई और सड़क पर दौड़ते हुए बैरिकेडिंग को तोड़कर मैदान में घुसने लगी। शुरुआत में जहां गेटों पर तैनात पुलिसकर्मी मेटल डिटेक्टर से लोगों की चेकिंग कर रहे थे, उन्होंने पीएम के आने के बाद चेकिंग बंद कर दी।

लोग डंडे, झंडे और पानी की बोतलें लेकर ही मैदान में घुस गए। सड़क पर भीड़ बढ़ने से जब अराजकता फैली तो दर्जनों लोग मोदी को सुने बिना ही घरों को लौट गए। वीआईपी गेट के पास सड़क पर भीड़ के बेकाबू होने पर खुद एसएसपी बरिंदरजीत सिंह, एसपी इंटेलीजेंस प्रिया प्रियदर्शनी और एसपी सिटी देवेंद्र पींचा को भीड़ के बीच में आकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।
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वीआईपी गेट पर ही व्यवस्था हुई फेल

सभा स्थल में प्रवेश के लिए 23 गेट मैदान में बने थे। गंगापुर रोड पर वीआईपी वाहनों के लिए गेट बनाया गया था और पीएम मोदी को भी इसी गेट से कार्यक्रम स्थल में जाना था। पीएम मोदी के आने से पहले वीआईपी गेट के पास तैनात पुलिसकर्मी सड़क से को हटाते रहे, लेकिन सड़क के दोनों ओर जुटी भीड़ को नजरअंदाज कर दिया। ऐसे में मोदी की फ्लीट के आते ही लोग सड़कों पर दौड़े और मुख्य मार्ग पर ही भगदड़ मच गई। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने सिर्फ एक रस्सी ही सड़क पर लगाई थी। बाद में पुलिस ने स्लाइड बैरियर लगाए जो भीड़ के आगे टिक नहीं सके। 

चेकिंग के नाम पर की दी युवक की पिटाई 
भीड़ बढ़ने पर जब लोग मैदान की ओर बढ़ने लगे तो गेट नंबर एक पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने चेकिंग के नाम पर एक युवक की पिटाई कर दी। इससे लोग आक्रोशित हो गए। हालांकि उन्होंने किसी तरह का बखेड़ा नहीं किया।
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