जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया फिलहाल जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 13,90,428 है। इनमें 73,6021 पुरुष और 654345 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा जिले में मात्र 62 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में कुछ और मतदाता बढ़ सकते हैं।
50,000 से अधिक नकदी मिली तो होगी जब्त
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव में धनबल का इस्तेमाल न हो, इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं। किसी व्यक्ति के पास यदि 50,000 से अधिक नकदी मिलती है तो उन्हें विधिवत जानकारी देनी होगी। संतोषजनक जानकारी न देने पर नकदी जब्त की जाएगी। इसके अलावा 10 लाख से अधिक के लेनदेन की जानकारी बैंकों को जिला प्रशासन और आयकर विभाग को देनी होगी। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर के जरिए सभी बैंकों को जानकारी दे दी गई है। मौके पर अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला, सहायक निर्वाचन अधिकारी पीएस रावत आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी मतदान केंद्रों पर होगा वीवीपैट का इस्तेमाल
निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश पर प्रदेश की पांचों लोकसभा सीट पर चुनाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रदेश के मतदान केंद्रों पर शत प्रतिशत वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, 10 प्रतिशत बूथों पर लाइव वीडियोग्राफी, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी कवरेज की जाएगी। 11 अप्रैल को 11235 मतदान केंद्रों पर 77 लाख 17 हजार 126 मतदाता उम्मीदवारों का फैसला करेंगे। सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने चुनाव तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीट के लिए 11 अप्रैल को मतदान होगा। सभी बूथों पर मतदाताओं के लिए पेयजल, शौचालय, शेड और दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप आदि सुविधाएं दी जाएंगी। ईवीएम व वीवीपैट का तीन चरणों में मॉक पोल किया जाएगा। इसमें पहले चरण की एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) की जा चुकी है।
मतदान केंद्रों के हिसाब से 24 हजार ईवीएम मशीनें उपलब्ध हैं। मतदान के दिन भी शुरू में उम्मीदवारों के समक्ष मॉक पोल किया जाएगा। बूथ लेबल पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया गया है। रिजर्व में ईवीएम मशीनें लेकर जाने वाली गाड़ियों पर जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इससे गाड़ियों को ट्रैक किया जा सकेगा। ईवीएम मशीन में नोटा का विकल्प सबसे नीचे होगा। सर्विस मतदाताओं के लिए मतपत्र में चुनाव चिन्ह के साथ ही उम्मीदवार का फोटो भी प्रकाशित किया जाएगा। मतदान के दिन प्रत्येक बूथ से हर दो घंटे में वोटिंग का अपडेट लिया जाएगा। इसके लिए सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल मैनेजमेंट प्लान बनाया गया है। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, वहां पर रेडियो सेट की सुविधा दी जाएगी।
प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों में निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल, पुलिस, होमगार्ड के अलावा करीब एक लाख कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में तैनात किए जाएंगे। प्रदेश के अति संवेदनशील व संवेदनशील मतदान केंद्रों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। जहां पर केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात रहेंगे। निर्वाचन विभाग की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों व चैकपोस्ट पर वीडियोग्राफी कराने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा लाउडस्पीकर
निर्वाचन की प्रक्रिया समाप्त होने तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी रिटर्निंग ऑफिसर व सहायक रिटर्निंग ऑफिसर समेत जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिबंध समय में किसी को लाउडस्पीकर का प्रयोग करने की अनुमति न दी जाए।
चुनाव खर्चे की निगरानी के लिए 2733 टीमें गठित
राज्य में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खर्चे की निगरानी के लिए विधानसभा वार 2733 टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें उम्मीदवारों के एक-एक चुनाव खर्चे का आकलन करेंगी। टीम में जिला पंचायतीराज अधिकारी, कोषाधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
जिला स्तर पर निर्वाचन कंट्रोल रूम स्थापित
लोकसभा चुनाव के लिए सभी जिलों में निर्वाचन कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। राज्य कंट्रोल रूम में 0135-2717401 से चुनाव संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सभी जनपदों में टोल फ्री नंबर 1950 भी स्थापित है।