चार्जशीट कमेटी की करीब चार बैठकें हुईं। बाद में तय किया गया कि चार्जशीट कमेटी राज्यपाल को रिपोर्ट नहीं सौंपेगी, बल्कि इसे जनता के लिए सीधे जारी कर दिया जाएगा। पहले यह तय किया गया था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा, मगर इसका मामला लगातार लटकता चला गया।
कांग्रेस अब चार्जशीट को चुनौती पत्र के तौर पर पेश किया है। करीब 12 पेज के इस डॉक्यूमेंट को चुनौती पत्र नाम दिया गया है। हम केंद्र और भाजपा सरकारों पर आरोप लगाते हुए उनके सामने जवाब देने की चुनौती रख रहे हैं। इसीलिए इसका नाम बदलकर चुनौती पत्र कर दिया गया है।