मनीष ने अपने उद्बोधन में सबसे पहले उस प्रश्न का जवाब दिया, उनके कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा सांसद पिता जनरल खंडूड़ी को लेकर लोगों के अंतर्मन में उठ रहा था? उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस में शामिल होने के संबंध में पिता से यह प्रश्न पूछा था कि क्या वे मुझे अपना आशीर्वाद देंगे? इस पर पिताजी ने मुझसे दो प्रश्न किए।'
क्या तुम सच्चाई के मार्ग पर चल सकते हो? उन्होंने मुझसे यह भी पूछा कि क्या तुम निडर होकर अपना काम कर सकते हो? दोनों ही प्रश्नों पर जब मैंने हां कहा तो उनका जवाब था कि मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है।
मनीष खंडूड़ी भाजपा के सदस्य नहीं है। वे किसी भी पार्टी में जाने को स्वतंत्र हैं। खंडूड़ी जी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे भाजपा के सच्चे सिपाही हैं। वे अस्वस्थ हैं। इसलिए उन्होंने चुनाव लड़ने में अनिच्छा जाहिर की है। वे कह चुके हैं कि भाजपा को जहां जरूरत पड़ेगी, तो वे चुनाव प्रचार में भी आएंगे।
-अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा