कांग्रेस ने किसी भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, लेकिन दो सीटों पर नाम तय माने जा रहे हैं। फंसी हुई सीटों पर कांग्रेस को भाजपा के चेहरों का इंतजार है। भाजपा सांसद जनरल बीसी खंडूड़ी के बेटे मनीष का पौड़ी से टिकट तय है। अल्मोड़ा से राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को पार्टी उतारने का मन बना चुकी है। तीन सीटों हरिद्वार, टिहरी और नैनीताल में पार्टी नेतृत्व उलझा हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की हां और न के बीच दो सीटें फंसी हैं। पार्टी की टिहरी सीट से प्रीतम सिंह पसंद है। हालांकि प्रीतम चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं। हालिया बयान में उन्होंने कहा था कि वे चुनाव लड़ेंगे नहीं, लड़ाएंगे। वैसे कांग्रेस में प्रीतम के अलावा ऐसा कोई बड़ा चेहरा नहीं है जो टिहरी संसदीय क्षेत्र में भाजपा की दिक्कतें बढ़ा सकता हो। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी इस सीट से दावेदार हैं, लेकिन उनको लेकर पार्टी गंभीर नहीं दिख रही।
अब देखना है कि प्रीतम को आलाकमान राजी कर पाते हैं या नहीं। भाजपा के टिकट तय नहीं होने से हरीश रावत भी उलझन में बताए जा रहे हैं। उनकी हरिद्वार और नैनीताल दोनों सीटों पर दावेदारी बताई जा रही है। अगर कोश्यारी भाजपा का चेहरा नहीं हुए तो हरीश रावत नैनीताल से मैदान में उतर सकते हैं। वरना वे निशंक के खिलाफ हरिद्वार से ताल ठोक सकते हैं। हालांकि नैनीताल सीट से पूर्व सांसद महेंद्र पाल मजबूत दावेदार हैं। वैसे पूर्व सीए हरीश रावत किस सीट से उतरेंगे यह भाजपा के प्रत्याशी तय करने बाद ही स्पष्ट होगा।