पहले दून-दिल्ली के बीच थे तीन स्टॉपेज
पहले जारी की गई सूची में देहरादून और आनंद विहार के बीच हरिद्वार, टपरी और मेरठ में स्टॉपेज घोषित किए गए थे। बाद में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर शहर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और आनंद विहार में स्टॉपेज तय किए गए।
...तो रेलमंत्री के लोकसभा सहारनपुर के प्रभारी होने का दिखा असर
किसी भी ट्रेन के स्टॉपेज में बदलाव करा पाना आसान नहीं होता, लेकिन पड़ोसी लोकसभा सहारनपुर के प्रभारी खुद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव हैं। इस हारी हुई सीट को जिताने की जिम्मेदारी उन्हें ही दी गई है। ऐसे में सहारनपुर और पड़ोसी जिला मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता रेल मंत्रालय तक पहुंच गए और ‘वंदे भारत’ के स्टॉपेज तय कराने में उन्हें सफलता मिली। यह भी तय है कि इसका चुनाव में लाभ मिला तो रिपोर्ट कार्ड रेलमंत्री का ही बेहतर होगा।
श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर होड़
पांचों लोकसभा क्षेत्रों के सांसद और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर ‘वंदे भारत’ का ठहराव कराने का श्रेय लेते रहे। आम लोगों को यह भी बताया गया कि पहले ट्रेन का ठहराव उनके जिले में नहीं था, लेकिन क्षेत्रीय सांसद या भाजपा नेताओं के प्रयास से यह सफलता मिली।
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वंदे भारत ट्रेन का लाभ अधिक शहरों को मिले यह सरकार की प्राथमिकता है। इसी के आधार पर स्टॉपेज तय किए गए हैं। पहले तय किए गए स्टॉपेज के बाद कुछ अन्य शहरों में वंदे भारत को रोकने की आवश्यकता महसूस की गई। इसलिए इसके स्टॉपेज बढ़ाए गए हैं। - सिद्धार्थ अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष, भाजपा, देहरादून