केंद्रीय सत्ता में प्रभाव बरकरार
ब्रह्मदत्त जमीन से जुड़े राजनेताओं में थे। उन्होंने टिहरी लोस सीट से चुनाव जीता और केंद्र में पेट्रोलियम मंत्री बनें। केसी पंत का नाता भी नैनीताल सीट से रहा। 26 साल वह केंद्रीय संसद में रहे और उन्होंने रक्षा, गृह, इस्पात, वित्त, विज्ञान, शिक्षा सरीखे अहम मंत्रालय की कमान संभाली। डॉ. मुरली मनोहर जोशी का जन्म बेशक उत्तराखंड में नहीं हुआ, लेकिन उनके परिजन अल्मोड़ा के रहने वाले थे। जोशी मानव संसाधन, गृह राज्य मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रहे।
गढ़वाल से सांसद रहे सतपाल महाराज केंद्र में रेल राज्यमंत्री रहे। राज्य गठन के बाद भी उत्तराखंड के राजनेताओं का केंद्रीय सत्ता में प्रभाव बरकरार रहा। हरिद्वार से सांसद रहे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने। अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा को भी केंद्र में राज्यमंत्री होने का अवसर मिला। वर्तमान में अजय भट्ट केंद्रीय पर्यटन व रक्षा राज्यमंत्री हैं।