देहरादून। लोक भवन परिवार ने शनिवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) को भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंटकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पांच वर्ष कैसे बीत गए, इसका पता ही नहीं चला। उनके जीवन का यह समय सबसे विशेष और यादगार दौर रहा है। उन्होंने कहा कि सेना में लंबे समय तक सेवाएं देने के दौरान लोगों से मिलने-जुलने के अवसर अपेक्षाकृत सीमित होते थे, लेकिन राज्यपाल के रूप में उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से खुलकर मिलने, संवाद करने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां के लोगों का स्नेह, आत्मीयता और सहयोग उनके लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान अपने अनुभवों और विचारों को वे लगातार लिखते भी रहे, जिससे अनेक सीख और स्मृतियां संकलित हो सकीं। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोक भवन में सभी ने टीम भावना, आपसी समन्वय और समर्पण के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि लोक भवन परिवार के साथ बिताए गए पल और यहां से जुड़ी स्मृतियां सदैव उनके हृदय में रहेंगी। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया।