उत्तराखंड में श्रम विभाग अब निर्माण श्रमिकों को लॉकडाउन 2.0 में एक-एक हजार रुपये की और राहत देने का निर्णय लिया है। जिनके खाते मेें पहले भेजे गए एक हजार पहुंच चुके हैं, उनके खातों में यह पैसा पहले डाला जाएगा। वहीं, शेष बचे श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये देने का सिलसिला अभी जारी है, पहली किस्त पहुंचने के बाद उन्हें दूसरी किस्त दे दी जाएगी।
श्रम विभाग के मुताबिक प्रदेश में करीब सवा तीन लाख निर्माण श्रमिक हैं। इनके खाते में एक-एक हजार रुपये देना तय किया गया था। खासी मशक्कत के बाद श्रम विभाग सवा दो लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों का पता लगा पाया और उसके बाद उनके खाते में एक-एक हजार रुपये की डीबीटी करनी शुरू की। श्रम विभाग अब तक करीब 1.86 लाख निर्माण श्रमिकों के खाते में यह पैसा डाल भी चुका है। अफसरों के मुताबिक लॉकडाउन 2.0 में अब श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपये और डाले जाएंगे।
82 करोड़ से ज्यादा का व्यय भार
श्रम विभाग का अनुमान है कि इससे सरकार पर करीब 65 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली निर्माण श्रमिक 35 हजार महिलाओं को दिए जाने वाले 5-5 हजार रुपये और जोड़ें तो यह भार करीब 82.5 करोड़ रुपये हो रहा है।
हर रोज हो रही है रिपोर्टिंग
निर्माण श्रमिकों को लॉकडाउन के दूसरे चरण में एक-एक हजार रुपये और जारी करने का आदेश दे दिया गया है। श्रम विभाग और बैंक मिल कर इस पर काम कर रहे हैं और रोज रिपोर्टिंग हो रही है। इस तरह से कुल मिलाकर श्रमिकों को दो-दो हजार की राहत राशि दी जा रही है।
- हरक सिंह रावत, श्रम मंत्री उत्तराखंड