विकासनगर का जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में बैसाखी के अवसर पर मनाया जाने वाला बिस्सू मेला इस बार सामूहिक रूप से नहीं मनाया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विकासशील युवा समिति एवं संगठन खत विशायल ने खुरुड़ी थात में आयोजित होने वाले बिस्सू पर्व के आयोजन को रद्द कर दिया है। हर साल संगठन द्वारा तीन दिवसीय बिस्सू मेले का आयोजन किया जाता है। 13 अप्रैल से शुरू होने वाला यह बिस्सू पर्व 15 अप्रैल तक चलता है। इसके साथ ही खत पशगांव ने
भी बिस्सू मेले के आयोजन को रद्द कर दिया है।
मालूम हो कि हर साल 13 अप्रैल को जहां पूरे विश्व में बैसाखी मनाई जाती है वहीं जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर क्षेत्र में बिस्सू मेले का आयोजन होता है। जगह-जगह आयोजित होने वाले इस मेले में दूर-दराज से लोग घूमने के लिए आते हैं लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए क्षेत्र के कई संगठनों ने बिस्सू मेले के आयोजन को स्थगित कर दिया है। विकासशील युवा समिति एवं संगठन खत विशायल के सदस्य भीम सिंह चौहान ने बताया कि इस बार आयोजित होने वाले मेले में मुख्यमंत्री के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष को शामिल होना था लेकिन, महामारी के चलते पर्व के आयोजन को रद्द कर दिया गया है।
- हल्द्वानी में जनता कर्फ्यू के दौरान धारा 144 का उल्लंघन कर हुड़दंग मचाने वालों को पुलिस ने कोतवाली में मुर्गा बनाया।
- मसूरी में भी सुबह से राशन और सब्जी की दुकानों में भीड़ लगी रही। यहां आज दूध सप्लाई नहीं होने से लोगों ने परेशानी का सामना किया।
- नेहरू कॉलोनी में केमिस्ट की दुकान के बाहर लंबी लाइन लगी हुई दिखी। यहां ज्यादातर लोग मास्क पहने दिखाई दिए। लोग आधा-आधा मीटर की दूरी पर लाइन में खड़े दिखे। एटीएम के बाहर और पूजन सामग्री की दुकानों में भी भीड़ नजर आई।
- देहरादून आढ़़त बाजार में दाल मंडी में लोगों में खरीदारी की होड़ मची रही। यहां जरूरी चीजों के दामों में उछाल दिखाई दिया। यहां एक दुकान में पचास से ज्यादा लोगों की भीड़ लग रही है।
-हरिद्वार में लॉकडाउन के दौरान तीन घंटे की छूट के बाद भी दुकान खोलने पर पुलिस ने तीन दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा बिना वजह सड़क पर वाहन निकालने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस ने कई दोपहिया और चौपहिया वाहनों को सीज कर दिया।
पुलिस सख्ती के चलते लॉकडाउन के तीसरे दिन सुबह दस बजे के बाद लोगों ने सड़क पर उतरने से परहेज किया। इस कारण पुलिस को भी कम कार्रवाई करनी पड़ी। धारा 144 का पालन न करने पर 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 34 वाहनों के चालान के साथ 11 को सीज किया गया। बुधवार को आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ बाजारों में उमड़ी, लेेकिन 10 बजे के बाद लोगों ने समझदारी का परिचय भी दिया। 10 बजे के बाद धीरे-धीरे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। सुबह के समय भीड़ बढ़ने पर एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ सिटी शेखर सुयाल को आढ़त बाजार में कमान संभालनी पड़ी।
काफी प्रयासों के बाद यातायात संचालन शुरू हो सका। पहले दो दिनों के मुकाबले तीसरे दिन कम लोग ही सड़क पर नजर आए। जरूरी काम के चलते बाहर निकले लोगों का पुलिस ने भी सहयोग किया। जगह-जगह बैरियर पर लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस ने जिले भर में धारा 188 के तहत 32 लोगों पर मुकदमे दर्ज कर निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया। 34 वाहनों का चालान करने के साथ 11 को सीज किया गया। हालांकि बुधवार को शांति भंग में किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से इसी तरह पालन कराया जाएगा। उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी इस जंग में आम लोगों से सहयोग मांगा है उन्होंने कहा कि जब तक बहुत आवश्यक न हो घरों से बाहर न निकलें।
ऋषिकेश में कोरोना के भयानक खतरे को देखने के बावजूद तीर्थक्षेत्र पहुंचे विदेशी सैलानी पिकनिक मनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सड़कों, गंगा किनारे और यहां-वहां घूमते से सैलानी पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। हालांकि पुलिस ने होटल, रिसार्ट संचालकों को सैलानियों को बाहर न निकलने देने की चेतावनी दी है। मामला थाना लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र का है। यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी कई-कई महीनों तक आकर ठहरते हैं। ये लोग योग ध्यान के अलावा विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं। कोरोना के चलते बहुत से विदेशी पर्यटक लौट चुके हैं, लेकिन बहुत से ऐसे हैं, जो अब भी यहां ठहरे हैं।
कोरोना के चलते विशेषकर इन दिनों लोग इन्हें देखकर वैसे ही भयभीत हो रहे हैं। तपोवन चौकी प्रभारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि बहुत से विदेशी सैलानियों को समझा बुझाकर कई बार उनके होटलों में भेजा गया, लेकिन ये मान नहीं रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना मुनिकीरेती आरके सकलानी को बकायदा एक सर्कुलर जारी कर होटल मालिकों, हॉस्टल संचालकों, योगा स्कूल चलाने वाले संचालकों व थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के सभी आश्रम संचालकों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि होटल, रिसार्ट, आश्रम संचालक आदि विदेशी पर्यटकों को किसी भी सूरत में बाहर न निकलने दें। यदि कोई भी विदेशी नागरिक सड़क या अन्य किसी जगह पर घूमता मिला तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।