गुरुग्राम से कोटद्वार आने के लिए युवक बस में रवाना हुआ लेकिन हल्द्वानी पहुंचने पर पता चला कि वह गलत बस में बैठ गया है। इस कारण युवक कोटद्वार पहुंचने से पहले तीन दिन तक रोडवेज की बस में सफर करता रहा, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। अब प्रशासन की टीम कोरोना पॉजिटिव युवक की ट्रैवल हिस्ट्री तलाशने में जुट गई है।
बीरोंखाल ब्लाक का 25 वर्षीय युवक गुरुग्राम में प्राइवेट जॉब करता था। लॉकडाउन के कारण उसकी नौकरी छूट गई थी। गुरुग्राम मेें फंसे होने के कारण उसके घर आने के लिए ऑनलाइन पास और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। 10 मई को उत्तराखंड सरकार ने गुरुग्राम में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए रोडवेज की बस भेजी थी, लेकिन वह कोटद्वार की बस के बजाय हल्द्वानी की बस में सवार हो गया। हल्द्वानी पहुंचने पर उसे 11 मई को हरिद्वार लौटा दिया गया। 12 मई को वह पूरे दिन और रात हरिद्वार में ही रुका रहा। बताया जा रहा है कि 13 मई को उसे हरिद्वार से रोडवेज की बस में अन्य लोगों के साथ कोटद्वार भेज दिया गया।
कोटद्वार पहुंचने पर ग्रास्टनगंज मैदान में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने युवक की थर्मल स्क्रीनिंग की, जिसमें युवक का तापमान सामान्य से अधिक मिलने पर डाक्टरों ने उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। उसका सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था और शुक्रवार को एम्स की रिपोर्ट आई जिसमें युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इस बीच युवक ने गुरुग्राम से हल्द्वानी, हल्द्वानी से हरिद्वार और हरिद्वार से कोटद्वार के बीच रोडवेज की बस में हल्द्वानी, कोटद्वार-भाबर और निकवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों के कई लोगों के साथ सफर किया, जिससे उसके संपर्क में इन स्थानों में कई लोग आए। प्रशासन इन लोगों को ट्रेस करने में जुटा है।
कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए दो युवकों को भेजा क्वारंटीन सेंटर
गुरुग्राम से कोटद्वार लौटे कोरोना पॉजिटिव युवक के संपर्क में आए बीरोंखाल ब्लाक के दो युवकों को पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग ने क्वारंटीन सेंटर भेज दिया है। बताया जा रहा है कि ये दो युवक बस में ही कोरोना पॉजिटिव युवक के संपर्क में आए थे। ब्लाक के एक युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उसके संपर्क में आए सभी लोगों को ट्रेस कर क्वारंटीन सेंटर भेजने की तैयारी कर रही है।