प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। इस बारे में सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रियों ने अपने अपने सुझाव रखे। सरकार प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को लेकर केंद्र से रियायतें चाहती है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि केंद्र से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के जाने पर लगी रोक को हटाने की मांग रखी जाए।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, राज्यमंत्री धन सिंह और रेखा आर्य ने केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर चर्चा की। पर्यटन गतिविधियों के नहीं चलने से सरकार की आर्थिकी पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में 17 मई को लॉकडाउन का तीसरा चरण समाप्त होने के बाद राज्य सरकार केंद्र से कुछ रियायतें मिलने की उम्मीद कर रही है। इसी को लेकर एक प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाना है।
बैठक में पर्यटन सेक्टर को दोबारा पटरी पर लाने को लेकर विचार विमर्श हुआ। कोरोना संक्रमण के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के साथ पर्यटन को कैसे शुरू किया जा सकता है। इसको लेकर केेंद्र से क्या राहत मिल सकती है, इस पर भी विचार हुआ।
बैठक में उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि लॉकडाउन का तीसरा चरण समाप्त होने वाला है। इस दौरान अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार केंद्र से कुछ रियायतों की मांग करने जा रही है, जिन पर विचार विमर्श हुआ। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में कुछ रियायतों की मांग की जाएगी। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो पाएंगी। इसके लिए कोरोना संक्रमण को लेकर बनाई गई तीन जोन में होने वाली आर्थिक गतिविधियों में भी केंद्र से कुछ रियायत की मांग की जाएगी।