फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन: कोरोना के डर से क्षुद्रग्रह भी ‘मास्क’ लगा कर गुजरा, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

Thu, 30 Apr 2020 12:57 AM IST
अलका त्यागी गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल

सार

  • खतरनाक एस्टेरोइड बगैर नुकसान पहुंचाए दूर से निकल गया
  • पृथ्वी से टकराने की नहीं थी संभावना कोई खतरा नहीं हुआ
विज्ञापन
क्षुद्र्ग्रह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यह संयोग अद्भुत है कि जहां पृथ्वी पर कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है, वहीं आज इसके निकट से गुजरने वाले क्षुद्रग्रह की तस्वीरों को लेकर वैज्ञानिकों ने कहा कि ये ऐसी हैं जैसे  ग्रह ने मास्क लगा रखा हो। हालांकि, यह आभास इसमें स्थित लघु पहाड़ी और मैदान में बनी लकीरों के कारण था।

विज्ञापन


एक बड़ा और संभावित खतरनाक माना जा रहा क्षुद्रग्रह वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार बुधवार को भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे पृथ्वी से सुरक्षित दूरी से 19 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर गया।

वैज्ञानिकों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। वैज्ञानिकों की लगातार इस पर नजर बनी रही। इस क्षुद्रग्रह को वैज्ञानिकों ने (52768)1998 ओआर 2 नाम दिया था जो 29 अप्रैल को पृथ्वी के सर्वाधिक निकट से गुजरा। इसका अनुमानित व्यास 1.8 से 4.1 किलोमीटर का था।

विज्ञापन
Trending Videos

आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान एरीज के वैज्ञानिक शशि भूषण पांडे के अनुसार 29 अप्रैल को गुजरा क्षुद्रग्रह अपेक्षाकृत बहुत बड़े आकार का था। इस आकार का क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराने की स्थिति में कहर बरपा सकता है, लेकिन इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना नहीं थी। वैज्ञानिकों के अनुसार यह क्षुद्रग्रह निकटतम होने पर भी पृथ्वी से 6.3 मिलियन किमी दूर रहा जो कि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी से 16 गुना अधिक है।

हालांक नासा ने इस क्षुद्रग्रह को संभावित खतरनाक श्रेणी में रखा था क्योंकि इसका आकार बहुत बड़ा था और यह खतरनाक श्रेणी के मानदंड को भी पूरा करता था। नासा के अनुसार संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह वे होते हैं जो पृथ्वी की कक्षा (7.5 मिलियन किमी) से कम दूरी से मतलब पृथ्वी की कक्षा के भीतर से गुजरते हैं। इस मानदंड के अनुसार यह इससे 12 लाख किलोमीटर कम की दूरी से पृथ्वी के निकट से गुजरा।

पृथ्वी और मंगल की कक्षाओं के बीच में 1344 दिन में सूर्य की परिक्रमा करने वाला यह क्षुद्रग्रह इसके बाद 18 मई 2031 यह पुन: पृथ्वी के निकट आएगा हालांकि तब यह पृथ्वी से और भी अधिक 19 मिलियन किमी की दूरी से गुजरेगा।
विज्ञापन

एक छोटा क्षुद्रग्रह भी दे रहा था इसे कंपनी

इसके बाद 2048 और 2062 में यह और भी अधिक दूरी से गुजरेगा लेकिन यही क्षुद्रग्रह 16 अप्रैल 2079 को पृथ्वी के अत्यंत निकट केवल 1.8 मिलियन किमी दूर से गुजरेगा। किसी कारणवश राह भटक जाने पर तब यह पृथ्वी के लिए घातक हो सकता है।

इस बड़े एस्टेरॉयड के अलावा पृथ्वी की तरफ एक कम आकार का एस्टेरॉयड भी आ रहा था। जो इसे कंपनी देता प्रतीत हो रहा था। यह लगभग इसी के आसपास पृथ्वी से चंद हजार किमी की दूरी से गुजरा। वैज्ञानिकों ने इसे 2020 एचएस 7 नाम दिया था।

वैज्ञानिकों के अनुसार इससे हमारे ग्रह के लिए कोई खतरा नहीं था। इस आकार के छोटे क्षुद्रग्रह सुरक्षित रूप से प्रति माह पृथ्वी के बहुत नजदीक से गुजरते हैं। 2020 एचएस 7 चार से छह मीटर व्यास वाले का था। इस जैसे छोटे एस्टेरॉयड अगर पृथ्वी से टकराते भी हैं तो इससे पूर्व ही पृथ्वी के वातावरण में ही नष्ट हो जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें