केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो रियायतें दी हैं। इसमें अहम रियायत राज्यों के बीच आवागमन को सुगम बनाना भी है। दिशा-निर्देशों के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए अब अलग से अनुमति या ई परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।
यानी राज्यों के बीच अब सहज आवागमन हो सकेगा। केंद्र सरकार की इस छूट से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है। राज्य में कोरोना संक्रमितों के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार आवागमन को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे सकती है। जानकारों के अनुसार, सहज आवागमन अभी भी इतना आसान नहीं होगा। सरकार राज्य के अंदर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही को सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा मानकों के साथ खोल चुकी है। लेकिन सार्वजनिक वाहनों को यात्री नहीं मिल रहे हैं।
प्रदेश में रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा है। परिवहन निगम ने हाथ खड़े कर रखे हैं कि 50 प्रतिशत सीटों के साथ बसों का संचालन नहीं कर सकते। ये घाटे का सौदा साबित होगा। वैसे भी मंत्रालय की गाइड लाइन में सार्वजनिक परिवहन के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं।
इसमें व्यक्तियों और मालवाहक वाहनों को ही अनुमति व ई परमिट से मुक्त रखा गया है। जिस तरह से गाइडलाइन में श्रमिक ट्रेनों और घरेलू विमान सेवाओं पर अब भी मंत्रालय की एसओपी का बंधन है। इस लिहाज से राज्यों के बीच सार्वजनिक वाहनों के आवाजाही भी एसओपी के अधीन हो सकती है।
जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक वाहनों के एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही से ही परिवहन सेक्टर में तेजी आ सकती है। लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाइन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि यदि दो राज्य परस्पर सहमत हों तो उनके बीच सार्वजनिक वाहनों का संचालन हो सकता है। लेकिन लॉकडाउन 5.0 में सार्वजनिक वाहनों के बारे में अलग से कोई जिक्र नहीं है।
स्कूल-कॉलेज खोले जाने को लेकर जुलाई में लिया जाएगा निर्णय
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन के तहत स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक प्रशिक्षण कोचिंग संस्थानों को जुलाई 2020 में फिर से खोले जाने पर फैसला लिया जाएगा। प्रदेश में लॉकडाउन के चलते स्कूल,कॉलेजों को बंद किया गया है। यही वजह है कि बच्चों को इन दिनों ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी करते हुए कहा गया है स्कूल, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को खोले जाने को लेकर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र की नई गाइडलाइन अनलॉक-1 के क्रियान्वयन पर योजना बनाई जाएगी। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाई जाए।
-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत