वहीं, पुलिस के कड़े पहरे के बीच मंगलवार को स्पेशल ट्रेन से 1152 प्रवासियों को अररिया (बिहार) के लिए दून रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। इसके पहले बन्नू स्कूल पहुंचे लोगों को बसों से स्टेशन पहुंचाया गया। यहां से प्राथमिक जांच के बाद सभी को बारी बारी से ट्रेन में बैठाया गया। हालांकि इस बीच देर से पहुंचीं दो बसों के यात्री हड़बड़ी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे। इसके चलते ट्रेन आधा घंटे देरी से रवाना हो सकी।
दून रेलवे स्टेशन से मंगलवार को पहली स्पेशल ट्रेन अररिया (बिहार) के लिए 2:30 बजे रवाना हुई। इनमें अधिकतर श्रमिक व छात्र थे। किसी को बहन की शादी तो कोई अपनों के बीच ईद मनाने को लेकर खुश था। पहले बन्नू स्कूल पहुंचे प्रवासियों को रेलवे स्टेशन पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम था। पहली बस 12:45 बजे रेलवे स्टेशन परिसर पहुंची थी। यहां सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए प्लेटफार्म तक पहुंचाया गया। इसके बाद दों बसें देरी सेपहुंचने के कारण प्लेटफार्म पर पहुंचे प्रवासियों में ट्रेन में बैठने को लेकर हड़बड़ी मच गई। इसके चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग भी भूल गए।
हालांकि प्लेटफार्म पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को हिदायत देकर ट्रेन में बैठाया। इसके चलते ट्रेन आधा घंटा देरी से रवाना हो सकी। टिकट के पैसों को लेकर हुई नारेबाजी बिहार जाने वाले अधिकतर प्रवासियों को टिकट वापसी शुल्क मिलने का इंतजार था। इस बात पर बन्नू स्कूल पहुंचे छात्रों और श्रमिकों ने जानकारी चाही तो कर्मचारियों ने अनभिज्ञता जताई। प्रवासियों का कहना था कि टिकट मूल्य का भुगतान बिहार सरकार को करना है, लेकिन बताया गया कि बिहार सरकार ने मना कर दिया है। इस पर प्रवासियों ने नारबाजी शुरू कर दी। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों ने समझाबुझाकर शांत कराया।
डीआईजी ने लिया जायजा
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने स्टेशन परिसर पहुंचकर प्रवासियों की रवानगी की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन आदि जानकारी के बाबत अधिकारियों से बात की और प्रवासियों को घर भेजने में पुलिस के सहयोग की बात कही।