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Lockdown 4.0: देहरादून से मणिपुर और बिहार रवाना हुई ट्रेन, घर जाने की खुशी में छलके प्रवासियों के आंसू

Tue, 19 May 2020 09:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • छात्र-छात्राओं ने कहा, हालात सामान्य होने के बाद ही लौटेंगे उत्तराखंड
  • प्रवासियों ने सरकार, अधिकारियों और कर्मचारियों का जताया आभार
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402 यात्रियों को लेकर ट्रेन रवाना - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लॉकडाउन लागू होने के बाद पहली बार दून रेलवे स्टेशन से मणिपुर के 402 यात्रियों को लेकर ट्रेन रवाना की गई। जिसमें ज़्यादातर छात्र और पर्यटक शामिल थे, जो लॉकडाउन के बाद यहीं फंस गए थे। यात्रियों ने भेजे जाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया है।

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घर जाने की खुशी क्या होती है। इसका नजारा मंगलवार को देहरादून रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। मणिपुर जाने वाली विशेष ट्रेन के गार्ड के हरी झंडी दिखाते ही लोगों की आंखें खुशी में छलक पड़ीं। हर कोई सरकार, अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जता रहा था। मणिपुर के सेनापति निवासी शकुनि ने बताया कि वह 22 मार्च से पहले उत्तराखंड घूमने आए थे, लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से यही फंस गए। इस बीच उन्होंने अपने दोस्त के कमरे में शरण ली। जो भी पैसा घर से लेकर आए थे वह सब खत्म हो गया था। माता-पिता को फोन करके ऑनलाइन पैसा मंगाया और जैसे तैसे खर्चा चलाया। अब घर जाने की बेहद खुशी है।


हिमाचल और उत्तराखंड घूमने आए थे
मणिपुर के ही रहने वाले कारोबारी फिरोज ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्त्तराखंड घूमने आए थे। हिमाचल घूमने के बाद 19 मार्च को देहरादून आ गए। यहां से इरादा नैनीताल जाने का था, लेकिन 22 मार्च को लॉकडाउन हो गया। तबसे यहीं फंसे थे, 15 दिन तक आईएसबीटी के नजदीक स्थित एक होटल में ठहरे, लेकिन जब होटल का खर्चा ज्यादा आने लगा तो एक कमरा किराए पर ले लिया। मकान मालिक से थोड़े बहुत बर्तन लेकर घर गृहस्थी जोड़ी और पिछले डेढ़ माह से जैसे-तैसे गुजर बसर कर रहे थे।
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दो माह कष्ट में गुजारने के बाद अब परिवार समेत घर लौटने की बेहद खुशी है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही लौटेंगे मणिपुर जा रहे कई छात्र-छात्राओं का कहना था कि अब वे हालात सामान्य होने के बाद ही देहरादून लौटेंगे। स्थिति सामान्य होने के साथ ट्रेन, हवाई सेवाएं शुरू होंगी, तभी वे लौटने के बारे में सोचेंगे। संकट के इस दौर में घर जाने की बेहद खुशी है।

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1152 प्रवासियों को लेकर अररिया रवाना हुई स्पेशल ट्रेन

वहीं, पुलिस के कड़े पहरे के बीच मंगलवार को स्पेशल ट्रेन से 1152 प्रवासियों को अररिया (बिहार) के लिए दून रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। इसके पहले बन्नू स्कूल पहुंचे लोगों को बसों से स्टेशन पहुंचाया गया। यहां से प्राथमिक जांच के बाद सभी को बारी बारी से ट्रेन में बैठाया गया। हालांकि इस बीच देर से पहुंचीं दो बसों के यात्री हड़बड़ी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे। इसके चलते ट्रेन आधा घंटे देरी से रवाना हो सकी।
 
दून रेलवे स्टेशन से मंगलवार को पहली स्पेशल ट्रेन अररिया (बिहार) के लिए 2:30 बजे रवाना हुई। इनमें अधिकतर श्रमिक व छात्र थे। किसी को बहन की शादी तो कोई अपनों के बीच ईद मनाने को लेकर खुश था। पहले बन्नू स्कूल पहुंचे प्रवासियों को रेलवे स्टेशन पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम था। पहली बस 12:45 बजे रेलवे स्टेशन परिसर पहुंची थी। यहां सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए प्लेटफार्म तक पहुंचाया गया। इसके बाद दों बसें देरी सेपहुंचने के कारण प्लेटफार्म पर पहुंचे प्रवासियों में ट्रेन में बैठने को लेकर हड़बड़ी मच गई। इसके चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग भी भूल गए।

हालांकि प्लेटफार्म पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को हिदायत देकर ट्रेन में बैठाया। इसके चलते ट्रेन आधा घंटा देरी से रवाना हो सकी। टिकट के पैसों को लेकर हुई नारेबाजी बिहार जाने वाले अधिकतर प्रवासियों को टिकट वापसी शुल्क मिलने का इंतजार था। इस बात पर बन्नू स्कूल पहुंचे छात्रों और श्रमिकों ने जानकारी चाही तो कर्मचारियों ने अनभिज्ञता जताई। प्रवासियों का कहना था कि टिकट मूल्य का भुगतान बिहार सरकार को करना है, लेकिन बताया गया कि बिहार सरकार ने मना कर दिया है। इस पर प्रवासियों ने नारबाजी शुरू कर दी। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों ने समझाबुझाकर शांत कराया।

डीआईजी ने लिया जायजा
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने स्टेशन परिसर पहुंचकर प्रवासियों की रवानगी की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन आदि जानकारी के बाबत अधिकारियों से बात की और प्रवासियों को घर भेजने में पुलिस के सहयोग की बात कही।
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