गैस एजेंसियां कैश पेमेंट देने वाले ग्राहक को सिलिंडर देने से मना नहीं कर सकती हैं। तेल कंपनियों ने कैश का विकल्प बंद नहीं किया है। तेल कंपनियों ने कोरोना के संक्रमण को देखते एजेंसियों को अधिक से अधिक ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट के लिए उपभोक्ताओं को प्रेरित करने के लिए कहा है।
ऐसे में कैश पेमेंट लेने से एजेंसियां मना नहीं कर सकती हैं। केंद्र के साथ ही राज्य सरकार भी डिजिटलीकरण की ओर से बढ़ी है, सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधकि लोग डिजिटल फार्मूले को अपनाए। कोरोना के इस महामारी को रोकने के लिए भी वर्तमान में डिजिटल या ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दिया जा रहा है।
दो दिन पूर्व एजेंसियों ने कैश देने वालों को गैस न देने और ऑनलाइन पेमेंट करने वालों को ही सिलिंडर देने की बात कही थी। जिससे बाद इसका विरोध शुरू हो गया। उपभोक्ताओं की गैस एजेंसी कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई।
अब तेल कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि कैश पेमेंट का विकल्प बंद नहीं किया गया है। इसलिए कैश पेमेंट देने वाले उपभोक्ताओं को एजेंसियां सिलिंडर देने से मना नहीं कर सकती हैं।
आईओसी के एरिया सेल्स मैनेजर सुधीर कश्यप ने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट पर इसलिए जोर दिया जा रहा है कि, ताकि कोरोना संक्रमण न फैले। इसलिए गैस एजेंसियों को कहा गया है कि लोगों को अधिक से अधिक डिजिटल और ऑनलाइन पेमेंट के लिए प्रेरित करें।
हजारों लोगों को नहीं है डिजिटल पेमेंट की जानकारी
उज्ज्वला कनेक्शनधारकों के साथ ही हजारों ऐसे गैस उपभोक्ता हैं, जिन्हें डिजिटल व्यवस्था की जानकारी नहीं है। इनमें कई तो ऐसे हैं जो या तो कम पढ़े-लिखे हैं या निरक्षर हैं। इसलिए वह इन माध्यमों का प्रयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वह डिजिटल पेमेंट नहीं कर पाते हैं। इसलिए ऑनलाइन पेमेंट को पूरी तरह से अमल में लाना संभव नहीं हैं।