केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों में यदि कोई संदिग्ध लक्षण नहीं दिखाई देता है, तो भी एहतियात के तौर पर 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना है। लेकिन प्रदेश में हाल ही में गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से प्रवासियों को उत्तराखंड लगाया गया है।
इनमें से करीब 14 हजार लोग ही होम क्वारंटीन में रखे गए हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत का कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासियों की प्रदेश की सीमा पर चेकिंग की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है।
अपर सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आ रहे लोगों को होम और संस्थागत क्वारंटीन कर रहे हैं।
प्रदेश की एक मात्र निजी पैथोलॉजी लैब में अभी तक एक भी सैंपल में कोरोना संक्रमण नहीं मिला है। प्रदेश में अब तक 10471 सैंपलों की जांच की गई। इसमें निजी पैथोलॉजी लैब में 731 सैंपल जांचे गए।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने कहा कि पंजीकृत प्राइवेट डॉक्टर अपने पर्चे में जांच की सलाह दे सकता है। निजी लैब में प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की सलाह पर ही कोरोना सैंपल की जांच की जा रही है।