उत्तराखंड में सूचना का अधिकार (आरटीआई) की द्वितीय अपीलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लाइव होगी। पहली बार राज्य सूचना आयोग इस पहल की शुरूआत करने जा रहा है। लाइव सुनवाई के लिए ट्रायल बेस पर पिथौरागढ़ जनपद का चयन किया गया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपीलों की सुनवाई करने से अपीलकर्ता व अपीलीय अधिकारी के आने जाने में होने वाला खर्च और समय दोनों की बचत होगी। राष्ट्रीय सूचना आयोग के बाद लाइव सुनवाई करने में उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा।
राज्य सूचना आयोग के पास दायर द्वितीय अपीलों की सुनवाई में पेश होने के लिए अपीलकर्ता और संबंधित विभाग के अपीलीय अधिकारी को देहरादून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए दुर्गम जनपदों से सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपीलों की सुनवाई होगी। आयोग ने ट्रायल के तौर पर पिथौरागढ़ जनपद को चुना है।
11 अक्तूबर को आयोग का कोर्ट देहरादून में लगेगा और अपील की सुनवाई पिथौरागढ़ जनपद मुख्यालय से लाइव होगी। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) की मदद भी ली जा रही है। लाइव सुनवाई करने में आयोग कामयाब रहा तो अन्य पर्वतीय जनपदों में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी। अभी तक द्वितीय अपील की सुनवाई के लिए राज्य सूचना आयोग कार्यालय देहरादून आना पड़ता है।
लाइव सुनवाई से बाहर रहेंगे तीन मैदानी जनपद
राज्य सूचना आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपीलों की सुनवाई करने में दुर्गम जनपदों को प्राथमिकता दी है। जहां से आने में अपीलकर्ता व अपीलीय अधिकारी को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जनपद को लाइव सुनवाई से बाहर रखा गया है। पिथौरागढ़ जनपद में ट्रायल सफल रहा तो इसे उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, चंपावत आदि दुर्गम जिलों में शुरू किया जाएगा।
आयोग के पास 1045 अपीलों की सुनवाई लंबित
आरटीआई के तहत अगर विभागीय लोक सूचना अधिकारी मांगी गई जानकारी को देने में विलंब करता है या सही जानकारी न देने पर विभागीय अपीलीय अधिकारी के पास प्रथम अपील दायर की जाती है। अपीलीय अधिकारी की सुनवाई से भी मामले का निस्तारण न होने पर आवेदनकर्ता सूचना आयोग के पास द्वितीय अपील दायर करता है। सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को आयोग के समक्ष पेश होना पड़ता है। वर्तमान में आयोग के पास 1045 अपीलें सुनवाई के लिए लंबित हैं।
अपीलों की सुनवाई के लिए दुर्गम क्षेत्रों से पहुंचने में अपीलकर्ता और विभागीय अधिकारी को पहुंचने में काफी समय लगता है। साथ ही दोनों पक्षों का खर्चा भी अधिक होता है। इसे देखते हुए आयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपीलों की सुनवाई करेगा। 12 अक्तूबर 2017 को सूचना का अधिकार के 12 साल पूरे हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य पर उत्तराखंड में इसकी शुरूआत की जाएगी।
-शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त