शिक्षा विभाग 25 जून तक शिक्षकों और कर्मचारियाें के सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम में स्थानांतरण की सूची जारी करेगा। इसके लिए शिक्षक और कर्मचारी सोमवार शाम तक खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों में विकल्प जमा कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियाें के मुताबिक स्थानांतरण के 10 विकल्प दिए गए हैं।
अपर निदेशक बेसिक एवं नोडल अधिकारी वीएस रावत ने बताया कि 3000 शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले किए जाने हैं। इनमें 1500 शिक्षकों को सुगम से दुर्गम और 1500 को दुर्गम से सुगम स्थानांतरित किया जाना है। मनचाहा स्थानांतरण के लिए रिक्तियां विभागीय वेबसाइट पर डाल दी हैं।
पहले रिक्त पदों के सापेक्ष 10 फीसदी शिक्षकों का तबादला किया जाना था। लेकिन, बाद में सरकार ने तबादला नीति में बदलाव करते हुए पात्रता सूची के सापेक्ष 10 फीसदी शिक्षकों के तबादले को लेकर नीति बनाई। पहले स्थानांतरण को लेकर 10 जून तक विकल्प देने का कहा गया था। बाद में शिक्षक संगठनों की मांग पर इसे बढ़ाकर 17 जून कर दिया। बावजूद अभी कई ऐसे शिक्षक और कर्मचारी हैं जिन्होंने विकल्प जमा नहीं कराया है। शिक्षा सचिव डॉॅ. आर मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि नियमों के अनुसार ही तबादले किए जाएंगे।
शिक्षक संगठनों ने रिक्तियाें को लेकर उठाए सवाल
शिक्षक संगठनों ने विभागीय वेबसाइट पर रिक्तियों को लेकर जारी सूची पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान का कहना है कि विभाग की ओर से रिक्तियोें को लेकर जो सूची जारी की है उसमें कई गड़बड़ियां हैं। मिलीभगत कर कई ऐसी रिक्तियाें को वेबसाइट पर नहीं डाला है जो वर्तमान में खाली हैं। अधिकारी इन रिक्तियों पर चहेतों को स्थानांतरित करना चाहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि स्थानांतरण के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।