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लिंक एक्सप्रेस का ‘लिंक’ दे रहा यात्रियों को दर्द

Mon, 05 Dec 2016 10:26 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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कोहरे में गुजरती ट्रेन - फोटो : file photo
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दून स्टेशन से काठगोदाम एक्सप्रेस को रवाना करने में हो रही घंटों की देरी ने यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी है।
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यात्री ट्रेन स्टार्ट होने के इंतजार में सर्द रातों में घंटों का वक्त स्टेशन पर बिताने को मजबूर हैं। यह सब हो रहा है लिंक एक्सप्रेस की वजह से। दरअसल मैदानी क्षेत्र में कोहरे की वजह से ट्रेन घंटों देरी से दून पहुंचती है।

यही ट्रेन काठगोदाम एक्सप्रेस बनकर वाया मुरादाबाद होकर काठगोदाम जाती है। लगातार हो रही लेटलतीफी से मांग उठने लगी है कि काठगोदाम एक्सप्रेस का लिंक एक्सप्रेस से ‘लिंक’ खत्म कर दिया जाए और इसे पहले की तरह स्वतंत्र ट्रेन के रूप में इसका संचालन किया जाए।
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दरअसल, सर्दी शुरू होते ही लिंक एक्सप्रेस की लेटलतीफी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके पीछे जहां बहुत बड़ी वजह कोहरा है वहीं दूसरी वजह रेलवे की कार्यशैली भी है। क्योंकि ट्रेन लेट होने पर इसे आउटर पर खड़ा करके समय पर जाने वाली ट्रेनों को पास दे दिया जाता है।

इसके चलते कई बार यह ट्रेन इटावा, अलीगढ़, मुरादाबाद में घंटो दूसरी ट्रेनों को गुजरते देखा करती है। यही वजह है कि इलाहाबाद से शाम 5:35 पर चलने वाली ट्रेन दोपहर के 1:10 पर दून पहुंचने के बजाय 12 से 13 घंटे की देरी से आधी रात के बाद पहुंच रही है। इसके चलते रात 11 बजे काठगोदाम जाने वाली ट्रेन को कई बार अगले दिन सुबह रवाना करना पड़ रहा है। 

पहले जाती थी अलग ट्रेन
रेल अधिकारियों के मुताबिक, राज्य बनने के दौरान देहरादून से काठगोदाम के लिए जनता एक्सप्रेस में दो कोच जुड़कर जाते थे। जो मुरादाबाद में दिल्ली से जाने वाली काठगोदाम एक्सप्रेस में जुड़ते थे। बाद में दून-काठगोदाम के बीच अलग ट्रेन काठगोदाम एक्सप्रेस बनाकर हफ्ते में पहले एक दिन और फिर दो दिन संचालित की गई। कुछ ही महीने बाद रेलवे ने मौजूदा समय वाली व्यवस्था लागू कर दी।

कुछ यूं हो रही देरी        
तारीख ---------- लिंक लेट हुई ------ काठगोदाम एक्सप्रेस रवाना 
एक दिसंबर - 10 घंटे की देरी - दो दिसंबर को सुबह 6:00 बजे गई 
दो दिसंबर - 17 घंटे की देरी - तीन दिसंबर को सुबह 8:30 बजे गई 
चार दिसंबर - 12 घंटे की देरी - पांच घंटे की देरी से सोमवार तड़के जाने की संभावना 

यह राजधानी से कुमाऊं को सीधे जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है। सर्दियों में लिंक एक्सप्रेस के देरी से आने का सिलसिला हर साल रहता है। इसलिए काठगोदाम एक्सप्रेस के रूप में अलग ट्रेन की व्यवस्था बहुत जरूरी है। कर्मचारी यूनियन इसके लिए संघर्ष करेगी।
- राजेंद्र गुसाई शाखा सचिव, एनआरएमयू

वर्तमान व्यवस्था से यात्रियों के साथ ही कर्मियों को भी परेशानी हो रही है। काठगोदाम एक्सप्रेस की लिंक एक्सप्रेस पर निर्भरता खत्म करने के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने की जरूरत है। साथ ही ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए प्लेटफार्म के विस्तार की भी जरूरत है। जरूरत हुई तो यूनियन रेल मंत्रालय तक इस मामले को प्रमुखता से उठाएगी।
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- दीपक बौड़ाई, जोनल अध्यक्ष यूआरएमयू (यूथ)

लिंक एक्सप्रेस के देरी से पहुंचने की वजह से काठगोदाम एक्सप्रेस को रवाना करने में विलंब हो रहा है। कोशिश यह रहती है कि लिंक एक्सप्रेस के पहुंचते ही सभी जरूरी काम कराकर यहां से जल्द से जल्द रवाना किया जा सके।
- करतार सिंह, स्टेशन अधीक्षक
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