प्रदेश में किसानों के लिए सस्ते ऋण की सीमा बढ़ सकती है। रविवार को रुड़की में कृषक ऋण मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके संकेत दिए।
अभी तक योजना के तहत कृषि एवं कृषि संबंधित कार्यों के लिए सहकारी बैंकों से दो फीसदी ब्याज पर एक लाख तक का ऋण दिया जाता है। अब तक राज्य के 46 हजार किसानों को योजना के तहत ऋण दिया जा चुका है।
रुड़की में नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सरकार ने खेती को बढ़ावा देने के लिए सस्ते ऋण की योजना शुरू की है। योजना सफल होती है तो एक लाख के ऋण की सीमा को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीडीपी वृद्धि में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
यह पहली बार है जबकि किसानों को बांस की खेती के लिए वन विभाग से किसी प्रकार की अनुमति लेनी की जरूरत नहीं है। किसान दिए गए ऋण से उन्नत खेती एवं व्यवसाय कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पुन: किसानों की ऋण माफी की मांग को गलत ठहराया। उनका कहना था कि बैसाखी कितनी ही सुंदर क्यों न हो, इससे किसी का लंगड़ापन दूर नहीं किया जा सकता।