बचाव पक्ष की ओर से भी तीन लोगों ने गवाही दी। कुल 20 गवाहों को सुनने और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद मंगलवार को तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक द्विवेदी की अदालत ने 16 अभियुक्तों लखविंदर सिंह, रंजीत सिंह, सुरजीत सिंह, हरजीत सिंह, जगवीर सिंह, पहल सिंह, जोगा सिंह, जगतार सिंह, अंग्रेज सिंह, मनजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रेमजोत सिंह, मलकीत सिंह, गुरदेव सिंह, दलवीर सिंह और बिट्टू सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विदेश में होने के कारण एक पर नहीं चला मुकदमा
जयमल हत्याकांड में सजा से बचने के लिये हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद एक अभियुक्त हरपाल सिंह भारत छोड़कर विदेश भाग गया। इसके चलते आरोप पत्र में पुलिस को हरपाल सिंह का नाम फरारी में दर्ज करना पड़ा और फरारी में नाम दर्ज होने के कारण हरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सका।
मुल्जिमों की फोटो खींचने पर कोर्ट परिसर में हुआ विवाद
जयमल हत्याकांड में कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट परिसर में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब वादी पक्ष और मुल्जिम पक्ष के लोगों के बीच आपसी तकरार हो गई। पंतनगर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि अदालत के सजा सुनाने के बाद जब पुलिस अभियुक्तों को जेल भेजने के लिए सरकारी वाहन में बैठाने लगी तो वादी पक्ष से किसी ने मोबाइल से मुल्जिमों का फोटो खींचना शुरू कर दिया। इससे नाराज मुल्जिम पक्ष के लोग वादी पक्ष के लोगों से भिड़ गए लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाठी फटकारकर वादी पक्ष के लोगों को भगाया और मुल्जिमों को गाड़ी में बैठाकर जेल के लिए रवाना कर दिया।