पछवादून और जौनसार-बावर क्षेत्र में देर रात से हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मैदानी इलाकों में जलभराव से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है, जबकि पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन व पत्थर गिरने से आवाजाही बाधित हुई है। मलबा आने से छह प्रमुख मोटर मार्ग बंद रहे।
विकासनगर की सिनेमा गली, कॉलेज रोड, देवदत्त मार्ग, भट्टा रोड, मुस्लिम व जौनसारी बस्ती तथा सेलाकुई के निगम रोड, खेड़ा मंदिर गली, जमनपुर, राजा व कैंप रोड में सड़कों पर पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। ग्रामीण इलाकों में भी बारिश ने कहर बरपाया। कालसी के जोहड़ी क्षेत्र निवासी वीर सिंह चौहान और धन सिंह चौहान के खेतों में मलबा व तेज बहाव का पानी घुसने से फसलें खराब हो गई हैं।
जजरेड में दिनभर गिरता रहा मलबा, फंसे रहे वाहन
जौनसार-बावर की लाइफलाइन कालसी-चकराता मोटर मार्ग के अति संवेदनशील भूस्खलन जोन जजरेड में मंगलवार तड़के तीन बजे से मलबा गिरना शुरू हो गया था। लोक निर्माण विभाग की टीम ने सुबह सात बजे मार्ग सुचारू कराया, लेकिन तेज बारिश के बाद दोबारा मलबा आने से सड़क बंद हो गई। मार्ग बाधित होने से नकदी फसलें लेकर मंडी जा रहे किसान, सरकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में वाहन दोनों ओर फंसे रहे। शाम चार बजे मलबा हटाकर आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनुज भारद्वाज ने बताया कि भारी बारिश के कारण जजरेड जोन से मलबा हटाने में समस्या आ रही थी, लेकिन बारिश थमने के बाद कालसी-चकराता मार्ग को साफ कर यातायात सुचारू करा दिया गया है। अन्य प्रभावित मार्गों से भी मलबा हटाकर आवाजाही बहाल की जा रही है। इसके अलावा कालसी में जुड्डो के निकट सुबह आठ बजे मलबा आने से दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग करीब आधा घंटा बंद रहा। लोनिवि के अवर अभियंता ओमप्रकाश सेमवाल ने बताया कि जुड्डो के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आया मलबा लोनिवि टीम ने मशक्कत के बाद साफ कर दिया था। फिलहाल दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।
खतरे के निशान पर पहुंची यमुना, टौंस सामान्य
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (455.37 मीटर) पर पहुंच गया है। डाकपत्थर बैराज से 28,324.31 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। वहीं, टौंस नदी में जलस्तर सामान्य (643.95 मीटर) है, जबकि यहां खतरे का स्तर 644.75 मीटर पर है। नदी पर बने इच्छाड़ी बांध से 18,429.62 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।