उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि जांबाज सेनाधिकारी स्वर्गीय कौशिक के बेटे आकाश कौशिक सेना में ब्रिगेडियर हैं। जबकि, उनका पोता भी सेनाधिकारी है। वहीं बेटी याशिका कौशिक नई दिल्ली स्थित एक स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। जनरल कौशिक ने हाल ही में अपना 81वां जन्मदिन मनाया था।
पढ़ने-लिखने का था जबरदस्त शौक
परिजनों और उनकी देखभाल करने वाले लोगों ने बताया कि जनरल कौशिक को पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था। उम्रदराज होने के बावजूद वह सुबह उठकर कई समाचार पत्र पढ़ते थे। पढ़ाई का उन्हें इस कदर शौक था कि घर के एक कमरे को उन्होंने पुस्तकालय में तब्दील कर दिया था, जिसमें सेना के अलावा कई विषयों से जुड़ी किताबें रखी हैं।
उपनल अधिकारियों, कर्मचारियों ने जताया दुख
जनरल कौशिक के निधन पर उपनल अधिकारियों, कर्मचारियों ने गहरा दुख जताया है। जनरल कौशिक उपनल के वरिष्ठ निदेशक थे। उपनल के प्रबंधन निदेशक ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा ने भी दुख जताया है।