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नहीं काटने पडेंगे विकास प्राधिकरणों के चक्कर, अब ऐसे मिलेगा गेस्ट हाउस के लिए लाइसेंस

Tue, 21 Mar 2017 12:19 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/अमर उजाला, देहरादून
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अतिथि गृह आवास (होम स्टे) का लाइसेंस चाहिए तो अब आपको इसके लिए विकास प्राधिकरणों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सेल्फ एफिडेविट पर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से इसके लिए संशोधित नियमावली जारी कर दी गई है।  
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राज्य सरकार ने पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे योजना की शुरूआत की थी। नियमों के आड़े आने से यह महत्वाकांक्षी योजना अधर में लटक गई थी। प्रदेश में 150 से अधिक आवेदकों के लाइसेंस लंबित थे। होम स्टे के लाइसेंस जारी करने में एक नियम आड़े आ रहा था। 

जिसमें शर्त थी कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जो विकास प्राधिकरण और ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय दोनों के अधीन आते हों, वहां पर विकास प्राधिकरण की मंजूरी जरूरी होगी। एमडीडीए, साडा, हरिद्वार विकास प्राधिकरण आदि प्राधिकरण व्यवसायिक और व्यवसायिक श्रेणी भवनों के अपने नियम कायदे होने का तर्क देकर एनओसी नहीं दे रहे थे। 
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ऐसे करें आवेदन

अमर उजाला ने 28 फरवरी 2017 के अंक में इस नियम से योजना के अटकने के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

पर्यटन सचिव एवं उत्तराखंड पर्यटन परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश बगोली ने इस संबंध में संशोधित नियमावली जारी कर दी है।

 जिसके तहत आवेदक को जरूरी औपचारिकताओं के अलावा 100 रुपये के स्वप्रमाणित शपथ पत्र जमा करने के बाद लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

इस योजना के लिए जिला पर्यटन अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होता है। आवेदक का उस जिले में आवासीय भवन होना जरूरी है।

साथ यह भी शर्त है कि आवेदक उस मकान में अपने परिवार समेत रहता हो।

उत्तराखंड गृह आवास (होम स्टे) नियमावली प्रथम संशोधन 2016 के अनुसार, लाइसेंस मिलने पर गेस्ट हाउस पूरी तरह नान कमर्शियल श्रेणी में आएगा।

जिससे विभिन्न विभागों से लगने वाले टैक्स घरेलू दरों पर देय होंगे।
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