अतिथि गृह आवास (होम स्टे) का लाइसेंस चाहिए तो अब आपको इसके लिए विकास प्राधिकरणों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सेल्फ एफिडेविट पर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से इसके लिए संशोधित नियमावली जारी कर दी गई है।
राज्य सरकार ने पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे योजना की शुरूआत की थी। नियमों के आड़े आने से यह महत्वाकांक्षी योजना अधर में लटक गई थी। प्रदेश में 150 से अधिक आवेदकों के लाइसेंस लंबित थे। होम स्टे के लाइसेंस जारी करने में एक नियम आड़े आ रहा था।
जिसमें शर्त थी कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जो विकास प्राधिकरण और ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय दोनों के अधीन आते हों, वहां पर विकास प्राधिकरण की मंजूरी जरूरी होगी। एमडीडीए, साडा, हरिद्वार विकास प्राधिकरण आदि प्राधिकरण व्यवसायिक और व्यवसायिक श्रेणी भवनों के अपने नियम कायदे होने का तर्क देकर एनओसी नहीं दे रहे थे।