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नींद पूरी न होने से आपके बच्चे को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Wed, 28 Dec 2016 06:35 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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xzd - फोटो : Getty Images
प्राथमिक कक्षाओंं के बच्चों की याददाश्त कम नींद के कारण प्रभावित हो रही है और वे भुलक्कड़ हो रहे हैं। टीवी और मोबाइल गेम में व्यस्त रहने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो रही है। नतीजतन उनका स्कूली रिपोर्ट कार्ड तो खराब होता ही है, उनमें मधुमेह, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। हिमालय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के अध्ययन से यह खुलासा हुआ है।
 
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इंस्टीट्यूट के मनोरोग विभाग ने प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले नौ से 13 साल तक की उम्र के बच्चों पर यह शोध किया है। शोध को ‘स्लीप साइंस’ जर्नल में भी स्थान मिला है। अध्ययन में पाया गया कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को औसत 9 से 10 घंटे की नींद लेनी चाहिए, जो कम हो रही है। नींद पूरी होने की दिक्कत वैसे तो शहरी क्षेत्रों के प्राइमरी के बच्चों में अधिक है, लेकिन ग्रामीण इलाकों के बच्चों में यह दुष्प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
 
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शोध में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को शामिल किया गया था, जिसमें छात्र-छात्राओं की संख्या बराबर रखी गई। बच्चों की लाइफ स्टाइल का भी अध्ययन किया गया। पाया गया कि 75 फीसदी बच्चे टीवी और मोबाइल गेम में व्यस्त रहने की वजह से रात 10 बजे के बाद सोते हैं।
 

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नींद पूरी न होने की वजह रात में इनमें से कुछ बच्चों को सोने के दौरान बड़बड़ाते हुए पाया गया। कुछ बच्चे तो सोते ही उठकर चल भी दिए। इनमें दांत कटकटाने की समस्या भी पाई गई और ये स्कूल में पढ़ाई और खेलने का आनंद नहीं ले पा रहे थे। यही नहीं हफ्ते के अंत में ये अधिक देर से सोने की जिद करते रहे।
 
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- फोटो : pic as demo
बिगड़ी लाइफ स्टाइल के कारण इनमें घरलिन नामक हार्मोंस के रिसाव का खतरा अधिक पाया गया। इससे बच्चों को भूख अधिक लगती है और मोटापा बढ़ता है। इससे कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी बढ़ती है जिससे इन बच्चों के जल्द मधुमेह की गिरफ्त में आने का खतरा रहता है। शोध में पाया गया कि लड़कों और लड़कियों में दिक्कत एक जैसी ही थी। शहरी बच्चे सुबह उठने में सबसे अधिक आनाकानी करते पाए गए।
 
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हिमालय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि बच्चों की लाइफ स्टाइल बिगड़ने से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। नींद पूरी न होने से हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है। इससे इन बच्चों में गंभीर बीमारियों का खतरा होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को दिन में टीवी और मोबाइल गेम में एक घंटे से अधिक समय तक व्यस्त नहीं होने देना चाहिए।
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