देहरादून जिले की दुर्गम विधानसभा सीट चकराता वर्ष 1967 से जनजातीय क्षेत्र के लिए आरक्षित है। बीते तीन विधानसभा चुनाव से यहां का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के कद्दावर नेता और सूबे के गृह मंत्री प्रीतम सिंह कर रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है। इस विधानसभा में करीब 97666 मतदाता हैं। क्षेत्र के कई गांव अब भी सड़क सुविधा से महरूम है हालांकि बीते पांच सालों में गांव तक सड़कों का जाल बिछाने के काम में तेजी आई है।
इसके साथ ही राज्य गठन के 16 साल बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह से समाधान नहीं हो सका है। यह मानना है यहां की क्षेत्रीय जनता का।
बेरोजगारी जैसे गंभीर विषय पर कुछ नहीं किया गया। बेरोजगार धक्के खाने को मजबूर है। पलायन आज भी क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मुद्दा है।
- भरत भंडारी निवासी बसाया
शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पहले से भी बदहाल हुई है। क्षेत्रीय प्रतिनिधि इन मुद्दों पर पूरी तरह विफल रहे हैं।
- रंजीता चौहान निवासी सुरेऊ
शिक्षा का क्षेत्र अब भी पिछड़ा हुआ है। शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं आया है। शिक्षा पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं है। शिक्षा का क्षेत्र भवन निर्माण तक सीमित है।
- मंजू भट्ट निवासी नेहरा
क्षेत्र में विकास कार्य ठीक से नहीं किए गए। विधायक निधि का दुरुपयोग किया गया। सिर्फ चहेतों को खुश करने के लिए विधायक निधि खर्च हुई।
- प्रताप सिंह तोमर निवासी बाघना
विधायक का कार्यकाल ठीकठाक रहा है। लेकिन अब भी मूलभूत सुविधाओं को जुटाने के साथ ही उसमें सुधार की जरूरत है। महिलाओं के लिए अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं है।
- चम्मो देवी निवासी कनबुआ