शारदा रेंज के जंगल की द्ववान बीट से लकड़ी बीनने गई बोरागोठ गांव की महिला को बाघ ने मार डाला। बाघ शव को करीब डेढ़ सौ मीटर दूर जंगल में घसीट ले गया था।
करीब आधा घंटे रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने महिला का क्षत-विक्षत शव झाड़ी से बरामद किया। इस दौरान वन कर्मियों ने दो राउंड हवाई फायर भी किए। सूचना पर लोगों की भीड़ लग गई।
शहर से लगे बोरागोठ गांव निवासी सोना देवी (55) पत्नी केशर राम रविवार को गांव की ही दो अन्य महिलाओं गायत्री जोशी और नीला भंडारी के साथ शारदा रेंज के द्ववान बीट के कंपार्टमेंट संख्या 1 बी में लकड़ी बीनने गई थी। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बाघ ने सोना देवी पर हमला कर दिया। बाघ के हमले से महिलाओं के होश उड़ गए।
सोना देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया
शव
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दोनों महिलाएं शोर मचाते हुए जंगल से भागकर टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर आ गईं और लोगों को घटना की जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शी गायत्री जोशी के मुताबिक बाघ सोना देवी को जंगल की ओर घसीटकर ले गया। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम, वन दरोगा दान सिंह भाकुनी और मुनेश सिंह राणा, वन बीट अधिकारी कैलाश सिंह, महेश अधिकारी, पुलिस उप निरीक्षक दीवान सिंह जलाला मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधा घंटे तक जंगल छानते हुए रेस्क्यू टीम ने घटना स्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर झाड़ी में सोना देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। वन विभाग और पुलिस ने जरूरी कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वन विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। सोना देवी के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। उसका पति छोटी काश्तकारी करता है। तीन बेटे फल बेचकर परिवार का खर्च चलाते हैं।
वन विभाग तीन लाख मुआवजा देगा
बाघ के हमले से मृत महिला के परिवार को विभाग की ओर से तीन लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। सरकार ने वन्यजीवों के हमले से मृतकों के परिवार को छह लाख रुपए की घोषणा की है, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं होने से पूर्व में निर्धारित मुआवजे की धनराशि तीन लाख रुपए ही मुआवजा दिया जाएगा। -ख्याली राम आर्य, वन क्षेत्राधिकारी, शारदा रेंज टनकपुर।