अकेले भिड़कर गुलदार को मारने वाली कमला देवी की स्थिति में लगातार सुधार है। हाथ की दोनों हड्डियों के फ्रेक्चर तथा सिर में गुलदार के वार से लगे 100 से अधिक टांके जब दुख रहे हैं, तो उन्हें गुलदार से हुआ आमना-सामना याद आ रहा है।
पहले गुलदार के साथ भिडंत और फिर मीडिया के लगातार सवालों का जवाब देने से कमला गुलदार के साथ हुई वारदात से उबर नहीं पाई है। इसके लिए इलाज कर रहे मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनिल जोशी मनोचिकित्सक से उनकी काउंसिलिंग भी करा रहे हैं।
फिलहाल कमला की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उनसे बात करने पर वे कहती हैं कि मैं बिल्कुल ठीक हूं।
मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग शुरू
डॉ. जोशी ने बताया कि पहले से कमला देवी की हालत में अब काफी सुधार है। उनके सिर में 60 से अधिक और हाथों में भी 40-50 टांके आए हैं। पोस्ट ट्रोमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (अचानक किसी बड़ी घटना या दुर्घटना से भयभीत होकर व्यवहार में आया परिवर्तन) की संभावना को देखते हुए मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग शुरू करा दी गई है।
विधायक ने भी पूछा हाल
कमला देवी का हालचाल जानने के लिए विधायक गणेश गोदियाल भी बेस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने गुलदार से भिड़ जाने की कमला देवी की हिम्मत को उत्तराखंडी महिलाओं की वीरता का प्रमाण बताया।
विधायक जब बगोली के समीप हुई कार दुर्घटना की घायल नीता जोशी का हाल जानने एसआईसीयू पहुंचे, तो वहां तेज दुर्गंध आ रही थी। इस पर एमएस को बुलाकर उन्होंने सफाई व्यवस्था के हाल बताकर बेस अस्पताल में शीघ्र सफाई कराने के आदेश दिए।