शुक्रवार सुबह दोगाड़ी रेंज के वन दरोगा भूपाल चंद्र पांडेय और जमन सिंह अधिकारी शारदा रेंज के जंगल में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें भूमिया मंदिर के पास एक चप्पल और कुल्हाड़ी मिली।
उन्होंने इसकी सूचना शारदा रेंज को दी। इस पर डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत, वन रक्षक प्रहलाद सिंह मेवाड़ी, गिरीश पांडेय समेत कुछ लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और खोजबीन की तो घटनास्थल से कुछ दूर झाड़ी में युवक का शव मिला। बाद में वन विभाग का अन्य स्टाफ और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह भी फोर्स लेकर वहां पहुंच गए।
डिप्टी रेंजर गुणवंत ने बताया कि पहले जब शव देखा गया तो वह पूरा सुरक्षित था, लेकिन विभाग के अन्य स्टाफ और पुलिस फोर्स के पहुंचने पर जब शव को कब्जे में लेने गए तो सिर और धड़ अलग-अलग मिले।
बाघ सिर को इतना खा चुका था कि उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। वनकर्मी और पुलिस शव को छीनीगोठ वन चौकी ले आए, जहां किशन राम के भाई गोविंद राम ने उसकी पहचान की। कोतवाल ने बताया कि पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।