महिला की मौत के मामले में दोपहर बाद तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी, एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, रेंजर अनिल कुमार जोशी घटनास्थल पहुंचे। अधिकारी शीशम भुजिया नंबर छह निवासी मृतका के पति पुष्कर सिंह और अन्य परिजनों से मिले। उन्हें ढांढस बंधाते हुए डीएफओ ने आश्वासन दिया कि 48 घंटे के भीतर एक लाख और उसके बाद दो लाख रुपये आर्थिक सहायता के रूप में वन विभाग देगा।
अब तक नहीं पकड़ा गया आदमखोर तेंदुआ
नौ माह पहले डॉली रेंज के जंगल में तेंदुए ने तीन लोगों की जान ले ली थी। तब से आदमखोर तेंदुए को वन विभाग पकड़ नहीं पाया है। इससे पहले गौला के जंगल में विगत 29 नवंबर 2017 को शांतिपुरी नंबर चार निवासी हीरा सिंह टाकुली का कोटखर्रा के जंगल में क्षत-विक्षत शव और 11 जनवरी को इंद्रानगर निवासी 65 वर्षीय परमानंद नैनवाल का क्षत विक्षत शव मिला था। इसी दौरान 26 जनवरी को बौढ़खत्ता निवासी कुंदन बेलवाल की 50 वर्षीय पत्नी लक्ष्मा देवी का शव जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला तो लंबे समय तक लोग गौला व डॉली के जंगल में चारा लेने नहीं गए। लेकिन कुछ समय बाद लोग फिर आरक्षित क्षेत्र में जाने लगे हैं।