बाड़े में बंद मुर्गे खाने का लालच एक गुलदार को भारी पड़ गया। गुलदार बाड़े में घुसते ही कैद हो गया। डर के मारे गुलदार ने मुर्गों का भी शिकार नहीं किया।
वह चुपचाप एक कोने में बैठा रहा। सुबह वन विभाग ने गुलदार को पिंजड़े में कैद कर लिया। यह वाकया श्रीनगर तहसील के अंतर्गत चमधार-देवलगढ़ मोटर मार्ग पर स्थित रामपुर गांव का है। रविवार रात लगभग ढाई बजे ग्रामीण अव्वल सिंह के मुर्गे के बाड़े की जाली उखाड़कर एक गुलदार अंदर घुस गया। लेकिन उसके अंदर घुसते ही जाली दोबारा से खांचों में फंस गई।
जिससे गुलदार अंदर ही फंस गया। इस हड़बड़ाहट में गुलदार शिकार भी नहीं कर पाया। बाड़े से शोरगुल सुनकर बाड़ा स्वामी भी उठ गया। बाड़े का अंदर का नजारा देखकर उसकी आंखे फटी की फटी रह गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सोमवार सुबह रेंजर आशीष डिमरी पिंजड़े व टीम सहित गांव में पहुंच गए। लगभग साढ़े 10 बजे टीम ने गुलदार को बेहोश करने के बाद पिंजड़ें में कैद कर कर लिया।
रेंजर डिमरी ने बताया कि गुलदार लगभग ढाई साल का है। अव्यस्क होने के कारण वह अभी शिकार करने में कुशल नहीं हो पाया है। गुलदार स्वस्थ है। उस पर कोई चोट भी नहीं है। पशु चिकित्सकों से परीक्षण करवा लिया गया है।