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देहरादूनः गुलदार हमले की खबर से मचा हड़कंप, लेकिन नहीं मिला सुराग

Thu, 02 Mar 2017 06:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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leopard attack - फोटो : rajeev gupta/ amarujala
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देहरादून के बाजावाला में गुलदार के हमले की खबर से हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस, वन विभाग भी पहुंच गया। घंटों तक जंगल में कांबिंग की गई लेकिन गुलदार का कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
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स्थानीय युवक मनीष ने दावा किया था कि उन्होंने गुलदार को स्कूली बच्चे की बॉडी के साथ देखा है। देर शाम तक गुलदार की तलाश जारी रही। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 9:30 बजे कौलागढ़ निवासी ठेकेदार मनीष चौहान बाजावाला के जंगल से गुजर रहा था।

इस बीच, संसारी माई मंदिर के दूसरी ओर उन्होंने जंगल में कुछ हलचल महसूस की। मनीष का कहना है कि जब उन्होंने गौर से देखा तो वहां गुलदार एक स्कूली बच्चे को दबोचे बैठा था। मनीष ने यह भी बताया कि बच्चे ने पीठ पर स्कूल बैग भी लगाया हुआ था। बच्चे को बचाने के लिए उसने पत्थर मारा तो गुलदार वहां से भाग गया।
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मनीष ने शोर मचा दिया तो आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। वन विभाग और पुलिस को मामले की सूचना दी गई। एसडीओ गुलवीर सिंह वन विभाग की टीम लेकर मौके पर पहुंचे। जंगल में लोगों के साथ मिलकर कांबिंग शुरू की गई। बाजावाला की नदी तक नीचे जंगल की खाक छानी लेकिन कहीं न तो गुलदार का कोई सुराग मिला और न ही कोई निशान।

एसडीओ गुलवीर सिंह ने बताया कि चश्मदीद युवक ने जहां गुलदार होने की बात कही थी, वहां भी कोई ऐसा चिन्ह नहीं मिला है, जिससे कहा जा सके कि यहां गुलदार था। हालांकि एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों को तत्काल सूचना भेजी गई कि वह सभी छात्रों की उपस्थिति चेक कर अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर लें।

देर शाम तक किसी भी बच्चे के गायब होने की सूचना नहीं मिली। लेकिन घटना की सूचना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि आए दिन यहां गुलदार की दस्तक होती है लेकिन वन विभाग कभी कोई कार्रवाई नहीं करता है।

यहां जंगल का रास्ता है लेकिन वन विभाग की टीम कभी यहां लगातार गश्त नहीं करती है। गुलदार के आने की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार घर से निकलते वक्त डर लगता है।
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-प्रवीन रावत, स्थानीय निवासी

आए दिन गुलदार के आने की सूचना से अब यहां से गुजरते हुए डर लगता है। कभी किसी के जानवर पर हमला हो जाता है तो कभी किसी को सड़क पर गुलदार दिख जाता है।
-धर्मदेव जादव, स्थानीय निवासी

गुलदार की दहशत की वजह से अब बच्चों को स्कूल भेजते हुए भी डर लग रहा है। वन विभाग को यहां कुछ पुख्ता इंतजाम करना चाहिए।
-बम बहादुर, स्थानीय निवासी

एफआरआई की पीछे के हिस्से से लेकर पूरी आबादी में सबसे ज्यादा दहशत का माहौल है। विभाग या सरकार कुछ करने को तैयार ही नहीं है।
-राजेश शाह, स्थानीय निवासी
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