फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मीडिया ने खोली मंत्री की 'आंखें'

Fri, 18 Oct 2013 11:22 AM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में लोकायुक्त विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल गई, लेकिन विधायी व संसदीय कार्य मंत्री को इसकी सूचना समाचार पत्रों से मिली।
विज्ञापन


विधायी मंत्री को विधेयक मंजूरी की सूचना तक नहीं
यह पहली बार हुआ जब एक विधेयक मंजूरी के बाद बिल बन गया और विधायी व संसदीय कार्यमंत्री को इसकी सूचना तक नहीं थी।

इस बारे में शासन को बुधवार को उस वक्त भनक लगी जब उप-लोकायुक्त के शपथ ग्रहण समारोह के संचालन के लिए विधायी विभाग से पिछली कार्यवाही मांगी गई।

विभाग और सरकार के बीच कोई संवाद नहीं
विगत तीन सितम्बर को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद से लेकर 24 सितम्बर को बिल को प्रकाशित करने के लिए भेजे जाने तक विधायी विभाग और सरकार के बीच कोई संवाद नहीं हुआ।

यह स्थिति तब पैदा हुई जब भाजपा सरकार के सबसे चर्चित विधेयक को कांग्रेस के कार्यकाल में मंजूरी मिली। गजब की इस बात का रहा कि विधायी व संसदीय कार्यमंत्री डा.इंदिरा ह्दयेश को मीडिया में दिखाई गई व प्रकाशित खबरों के बाद अपने विभाग के विधेयक के मंजूर होने की जानकारी मिली।
विज्ञापन


अगर बुधवार को उप-लोकायुक्त के शपथग्रहण समारोह के लिए संचालन की कार्यवाही विधायी विभाग से ना मांगी जाती तो शायद अधिसूचना जारी होने पर ही सरकार को पता चलता कि राष्ट्रपति ने विधेयक को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन


पिछली कार्यवाही मांगी
दोपहर के समय राजभवन ने शासन से शपथग्रहण समारोह के संचालन की पिछली कार्यवाही मांगी। यह कार्यवाही लेने के लिए विधायी विभाग में संपर्क किया तो बताया गया कि नया लोकायुक्त एक्ट पास होकर आ गया है और अब उसे प्रकाशित होने के लिए सरकारी प्रेस पर भेजा है।

मैंने फाइल तलब की है, देखा जाएगा कि कहां गड़बड़ी हुई और क्या प्रक्रिया होनी चाहिए थीं। फिलहाल अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
- सुभाष कुमार, मुख्य सचिव

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें